Major political Upheaval in TMC: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट ने दावा किया है कि पार्टी की एक विशेष बैठक में ममता बनर्जी को चेयरपर्सन पद से हटाने का फैसला लिया गया है। साथ ही अभिषेक बनर्जी को ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी पद से निलंबित करने की घोषणा भी की गई है। इस कदम ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और पार्टी के भीतर जारी शक्ति संघर्ष को खुलकर सामने ला दिया है।
बागी विधायकों की बैठक में हुआ फैसला
जानकारी के अनुसार, विधानसभा के बजट सत्र के बाद न्यूटाउन स्थित एक होटल में बागी विधायकों और नेताओं की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में करीब 60 विधायकों, कई पूर्व विधायकों, जिला अध्यक्षों और पूर्व पार्षदों के शामिल होने का दावा किया गया। बैठक में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलावों की घोषणा की गई और एक नई कार्यकारी समिति के गठन का ऐलान किया गया।
नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन
बागी गुट ने दावा किया कि नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन कर अरूप रॉय को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कई अन्य नेताओं को महासचिव, उपाध्यक्ष और विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बागी नेताओं का कहना है कि वे पार्टी के संविधान के तहत संगठन को नए सिरे से संचालित करने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं।
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संगठन और संपत्तियों पर भी नजर
बैठक में शामिल नेताओं ने संकेत दिया कि वे पार्टी की संगठनात्मक संरचना के साथ-साथ अन्य अधिकारों को लेकर भी कानूनी सलाह ले रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, बागी गुट पार्टी के वित्तीय और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े मुद्दों पर भी रणनीति तैयार कर रहा है। हालांकि इन दावों पर आधिकारिक स्तर पर अंतिम स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ सकती है हलचल
तृणमूल कांग्रेस के भीतर उभरा यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि संगठनात्मक संकट बढ़ता है तो इसका असर राज्य की राजनीति और पार्टी की भविष्य की रणनीति पर पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें इस घटनाक्रम पर पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया और आगे की राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।