Major Relief for Abhishek Banerjee: टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को मानहानि के एक मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी है। इससे पहले हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी और वारंट पर लगी अंतरिम रोक भी समाप्त हो गई थी, लेकिन अब मामले पर दोबारा सुनवाई करते हुए अदालत ने उन्हें राहत प्रदान की है।
हाई कोर्ट ने फिर बहाल की याचिका
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की एकल पीठ ने अभिषेक बनर्जी की याचिका को पुनः बहाल करते हुए गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाने का आदेश दिया। इससे पहले वकीलों की अनुपस्थिति के कारण अदालत ने याचिका खारिज कर दी थी और वारंट पर लगी रोक हट गई थी। नए आदेश के बाद फिलहाल बनर्जी को कानूनी राहत मिल गई है।
आकाश विजयवर्गीय ने दायर किया था मुकदमा
यह मामला भाजपा नेता और पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय की ओर से दायर मानहानि शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक राजनीतिक सभा के दौरान अभिषेक बनर्जी ने उन्हें अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया था। आकाश विजयवर्गीय का कहना है कि इस टिप्पणी से उनकी सार्वजनिक छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
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2021 में दर्ज हुआ था मामला
मानहानि का यह मुकदमा वर्ष 2021 में भोपाल की अदालत में दायर किया गया था। शिकायत के आधार पर मामले की सुनवाई शुरू हुई और बाद में विशेष अदालत ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। इसके बाद टीएमसी सांसद ने हाई कोर्ट का रुख करते हुए वारंट को चुनौती दी थी।
आगे की सुनवाई पर रहेंगी नजरें
हाई कोर्ट के ताजा आदेश से अभिषेक बनर्जी को फिलहाल राहत मिल गई है, लेकिन मामले की सुनवाई अभी जारी रहेगी। अब सभी की नजर अदालत में होने वाली अगली कार्यवाही पर टिकी है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क पेश करेंगे। अदालत के अंतिम निर्णय के बाद ही इस कानूनी विवाद की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।