
Major revelation in Bareilly violence: बरेली में जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा के मामले में अब पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे उपद्रव की प्लानिंग पिछले पांच दिनों से की जा रही थी। शुक्रवार को सुनियोजित तरीके से असामाजिक तत्वों ने प्रदर्शन के दौरान पथराव और फायरिंग की, जिससे हालात बिगड़ गए। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। साथ ही, इस घटना के पीछे साजिशकर्ताओं को पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।
आरोपियों पर लगेगा NSA
पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल सभी आरोपियों और इसकी साजिश रचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, योगी सरकार अब उपद्रवियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की तैयारी में है। न सिर्फ पथराव और फायरिंग करने वालों पर, बल्कि इस प्रदर्शन को आयोजित कराने वालों पर भी NSA लगाया जाएगा। फिलहाल, पुलिस आरोपियों की लोकेशन और संपर्कों का पता लगाने के लिए मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चेहरों की पहचान की जा रही है।
पुलिस पर फायरिंग और पथराव
घटना वाले दिन पुलिस ने पहले ही लोगों से अपील की थी कि शांतिपूर्ण तरीके से नमाज अदा कर अपने घर जाएं। ज्यादातर लोग शांति से चले भी गए, लेकिन अचानक कुछ उपद्रवी मौके पर पहुंच गए और पथराव व फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में पुलिस के 10 जवान घायल हुए, जिनका इलाज कराया जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई है और इसके आधार पर कई उपद्रवियों को गिरफ्तार भी किया गया है। जांच में सामने आया है कि अपराधी पहले से तैयारी करके आए थे और हिंसा को अंजाम दिया। अब पुलिस इन्हें चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई करने जा रही है।