Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब इस मामले में गिरफ्तार आरोपी ऋतिक को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, ऋतिक कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का स्लीपर ऑपरेटिव था और करीब एक साल से मुंबई में रहकर बॉलीवुड सितारों की रेकी कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह बाइक टैक्सी चलाने की आड़ में जानकारी जुटाता था। आखिर कैसे चल रहा था यह पूरा खेल, चलिए जानते हैं।
एक साल से मुंबई में सक्रिय था ऋतिक
टाइगर श्रॉफ पर हमले के मामले में गिरफ्तार ऋतिक उर्फ रोशन को लेकर जांच में कई बातें सामने आई हैं। सूत्रों के मुताबिक, वह करीब एक साल से मुंबई में सक्रिय था। पुलिस को शक है कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा था। हालांकि, मामले में उसकी कथित भूमिका और गैंग से उसके संबंधों की जांच अभी जारी है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, ताकि इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
रैपिडो राइडर बनकर जुटाता था जानकारी
सूत्रों के अनुसार, ऋतिक रैपिडो राइडर बनकर मुंबई के पॉश इलाकों में घूमता था। इसी बहाने वह बॉलीवुड सितारों के घरों और आसपास के इलाकों की जानकारी जुटाता था। जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि वह इन जगहों के वीडियो बनाकर गैंग के सदस्यों को भेजता था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसने किन-किन लोगों की जानकारी जुटाई और इस काम में उसके साथ कौन लोग शामिल थे।
जुहू से गोरेगांव और फिर अंधेरी तक रहा
बताया जा रहा है कि ऋतिक मुंबई में अलग-अलग जगहों पर रहा था। उसने जुहू और गोरेगांव में भी कई महीने बिताए। इसके बाद वह अंधेरी पूर्व के एक किराए के मकान में रहने लगा था। सूत्रों के मुताबिक, उसने स्थानीय पते का इस्तेमाल करके आधार कार्ड भी बनवाया था। जांच एजेंसियां अब उसके रहने के ठिकानों और संपर्कों की जानकारी खंगाल रही हैं, जिससे उसके नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
खर्च के लिए मिलते थे पैसे
सूत्रों के मुताबिक, ऋतिक को मुंबई में रहने और अपने खर्च चलाने के लिए पैसे दिए जा रहे थे। उसे आगे एक बड़ा काम सौंपने और इसके बदले मोटी रकम मिलने का भरोसा भी दिया गया था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि टाइगर श्रॉफ पर हमले की कथित साजिश से इस पैसे और वादे का कोई संबंध था या नहीं।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में ऋतिक के अलावा रेहान और फूल सिंह को भी कोटा से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और पैसों के लेनदेन की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमले की योजना किसने बनाई और इसके पीछे कौन लोग थे। फिलहाल, पुलिस की जांच में आने वाले खुलासों पर सबकी नजर बनी हुई है।