बिहार के वैशाली जिले में गंगा नदी में नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया। राघोपुर थाना क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद गांव के पास हुई इस दुर्घटना में 11 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि नाव पर करीब 20 युवक और बच्चे सवार थे, जो एक भोज में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान नदी की बीच धारा में नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम सक्रिय हो गई। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे पर दुख जताया है और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
भोज में शामिल होने जा रहे थे युवक और बच्चे
जानकारी के अनुसार, सोमवार को युवक और बच्चे एक नाव पर सवार होकर भोज में शामिल होने के लिए निकले थे। नाव जब गंगा नदी की धारा के बीच पहुंची, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। नाव में सवार लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही नाव पलट गई। इसके बाद कई लोग गहरे पानी में डूबने लगे। हादसे के दौरान नाव पर सवार लोगों में अफरा-तफरी मच गई। नदी में लोगों के डूबने की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। हादसे की खबर से पूरे इलाके में चिंता और शोक का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही राघोपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने हादसे की सूचना जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने बचाव और राहत कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस को घटना की जानकारी देने और मौके पर मदद पहुंचाने में भूमिका निभाई। हादसे के बाद घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। प्रशासन की ओर से नदी में डूबे लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए।
एसडीआरएफ की टीम को भेजा गया
हादसे की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल यानी एसडीआरएफ की टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। टीम का उद्देश्य नदी में डूबे लोगों की तलाश और बचाव कार्य में सहायता करना था। ऐसे हादसों में नदी की गहराई और तेज धारा के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण हो सकता है। प्रशासन की ओर से बचाव अभियान पर ध्यान दिया गया। हालांकि, नाव पर सवार लोगों की सही संख्या, कितने लोगों को सुरक्षित निकाला गया और हादसे के बाद की पूरी स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी की पुष्टि आवश्यक है।
हादसे के कारणों की जांच की जाएगी
गंगा नदी में नाव पलटने की वजह का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। नाव की क्षमता, उस पर सवार लोगों की संख्या और सुरक्षा के इंतजामों की भी जांच की जा सकती है। नदी में यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन कितना किया गया था, यह भी जांच का विषय हो सकता है। मुख्यमंत्री की ओर से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा से प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है। इस दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है।