
स्वामी चैतन्यानंद केस में बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत को बढ़ा दिया है। अब इस केस की सुनवाई 7 नवंबर को होगी। चैतन्यानंद पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक निजी संस्थान में 17 छात्राओं का यौन शोषण का आरोप है।
सबूत नष्ट करने का आरोप
आपको बता दें कि चैतन्यानंद को आगरा से गिरफ्तार किया गया था। उन पर छात्राओं का यौन शोषण करने और सबूत नष्ट करने का आरोप है। उनकी न्यायिक हिरासत को बढ़ाया है। अब 7 नवंबर को सुनवाई होगी। पुलिस ने अब तक 17 में से 9 छात्राओं के बयान दर्ज किए हैं और शेष छात्राओं के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। मामले में शामिल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
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आगरा से गिरफ्तार किया गया था 'डर्टी बाबा'
दिल्ली के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में 17 छात्राओं के यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद से चैतन्यानंद सरस्वती गायब हो गया था। उसे काफी मशक्कत के बाद दिल्ली पुलिस ने उसे आगरा से गिरफ्तार किया। आरोप है कि स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती ने बतौर निदेशक अपने पद का दुरुपयोग किया। उसने संस्थान की 17 छात्राओं का यौन शोषण किया।
जबरन यौन संबंध बनाता था
ऐसा बताया जा रहा है कि वह हर रात को एक छात्रा को जबरन कमरे में बुलाता। यहां पर उसके साथ यौन संबंध बनाता था। इसके बाद मुंह बंद करने के उस पर दबाव बनाता था। इस काम में संस्थान का स्टाफ भी उससे जुड़ा हुआ था। चैतन्यानंद के निर्देश पर महिला स्टाफ छात्राओं को मोबाइल फोन से अश्लील चैट्स और मैसेजेस हटवा देती थीं। वह हमेशा से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं को अपना निशाना बनाया करता था।