सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ध्रुव कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 5 नवंबर 2022 को वादी ने खानपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसके एक रिश्तेदार मोहित पुत्र हेमपाल सिंह, निवासी ग्राम बैरल, थाना जहांगीराबाद का उसके घर आना-जाना था। साथियों संग मिलकर किया ब्लैकमेल वादी के अनुसार, एक दिन मोहित अपने दो साथियों-दिनेश पुत्र छत्रपाल (निवासी ग्राम बैरल) और पंकज पुत्र अजय (निवासी शिकारपुर)-के साथ उसके पास आया। आरोप है कि मोहित ने अपने मोबाइल में मौजूद उसकी पत्नी और मोहित के आपत्तिजनक फोटो व वीडियो दिखाकर डेढ़ लाख रुपये की मांग की।
मोहित को गिरफ्तार कर जेल भेजा
रुपये न देने पर उन्हें इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी दी गई। पुलिस कार्रवाई और चार्जशीट शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोहित को गिरफ्तार कर जेल भेजा। विवेचना पूर्ण होने पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मामला सुनवाई के लिए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (त्वरित) की अदालत में पहुंचा।
10 वर्ष का कारावास
अदालत का फैसला शनिवार को अदालत ने दोष सिद्ध होने पर मुख्य आरोपी मोहित को 10 वर्ष का कारावास और 7,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, सह-आरोपी पंकज और दिनेश को दो-दो वर्ष के सदाचरण की परिवीक्षा पर पांच-पांच हजार रुपये प्रतिकार राशि के साथ रिहा कर दिया गया। न्यायालय का सख्त संदेश अदालत के इस फैसले को डिजिटल ब्लैकमेलिंग और निजता के उल्लंघन के मामलों में सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में कानून की दृढ़ता स्पष्ट होती है।