Homemade Crelac : 6 महीने की उम्र के बाद बच्चों को मां के दूध के साथ धीरे-धीरे ठोस आहार देना शुरू किया जाता है. इस समय माता-पिता अक्सर बच्चे के लिए ऐसे खाने की तलाश करते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी हो। बाजार में मिलने वाले बेबी फूड की जगह कई लोग घर पर बना हुआ ताजा आहार देना पसंद करते हैं.
घर पर बना बेबी फूड क्यों है बेहतर
घर पर तैयार किया गया सेरेलैक बच्चे की जरूरत के अनुसार बनाया जा सकता है. इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता और सफाई का पूरा ध्यान रखा जा सकता है। साथ ही इसमें किसी तरह के अनावश्यक स्वाद या प्रिजर्वेटिव मिलाने की जरूरत नहीं होती.
होममेड सेरेलैक बनाने के लिए सामग्री
इसे बनाने के लिए आप चावल, मूंग दाल, ओट्स या रागी जैसी पौष्टिक चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं. सभी चीजों को अच्छी तरह साफ करके धूप में सुखा लें। इसके बाद इन्हें हल्का भूनकर बारीक पाउडर बना लें। यह मिश्रण बच्चे के लिए आसान से पचने वाला आहार तैयार करने में मदद कर सकता है.
बनाने का आसान तरीका
सबसे पहले तैयार किए गए पाउडर की थोड़ी मात्रा लें और उसमें पानी या बच्चे के लिए उपयुक्त तरल मिलाएं। इसे धीमी आंच पर अच्छी तरह पकाएं, ताकि इसकी बनावट मुलायम हो जाए। तैयार होने के बाद इसे थोड़ा ठंडा करके बच्चे को खिलाया जा सकता है.
बच्चे को देते समय रखें इन बातों का ध्यान
जब भी बच्चे को नया खाना देना शुरू करें, तो शुरुआत कम मात्रा से करें। एक समय में एक ही नया आहार दें और बच्चे की प्रतिक्रिया पर ध्यान रखें। अगर किसी चीज से परेशानी दिखाई दे तो उसे देना रोककर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है.
साफ-सफाई का रखें खास ख्याल
बच्चों का खाना बनाते समय हाथ, बर्तन और इस्तेमाल होने वाली सामग्री की सफाई बहुत जरूरी है. घर का बना आहार हमेशा ताजा बनाकर ही बच्चे को देना चाहिए. छोटे बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन उनकी ग्रोथ में अहम भूमिका निभाता है। सही तरीके और सावधानी के साथ बनाया गया होममेड सेरेलैक बच्चे के खाने में एक अच्छा विकल्प हो सकता है.