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Tasty Saag Recipe : भारत में सर्दियों के मौसम में हरे पत्तेदार सागों की बहार रहती है, और इनका सेवन न सिर्फ स्वाद में भरपूर होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है। पालक और लाई का साग उत्तर भारत में खासा लोकप्रिय है। जहां पालक आयरन और विटामिन्स से भरपूर होता है, वहीं लाई (जिसे कुछ जगहों पर सरसों की पत्ती या 'लाही' भी कहा जाता है) में तीखापन और खास खुशबू होती है जो साग को एकदम देसी स्वाद देती है. इस लेख में हम सीखेंगे कि कैसे आप घर पर ही पालक और लाई का स्वादिष्ट साग बना सकते हैं, वो भी बिलकुल देसी अंदाज में.
सामग्री:
(4 लोगों के लिए)
पालक – 500 ग्राम
लाई (सरसों की पत्तियाँ) – 250 ग्राम
बथुआ (वैकल्पिक, स्वाद बढ़ाने के लिए) – 100 ग्राम
हरी मिर्च – 2
अदरक – 1 इंच का टुकड़ा
लहसुन – 6-7 कलियाँ
टमाटर – 2 मध्यम आकार के
प्याज – 1 (वैकल्पिक)
मक्के का आटा – 2 बड़े चम्मच
देसी घी या सरसों का तेल – 2 बड़े चम्मच
नमक – स्वाद अनुसार
लाल मिर्च पाउडर – 1/2 छोटा चम्मच
हींग – 1 चुटकी
जीरा – 1/2 छोटा चम्मच
विधि:
1. साग की सफाई और उबालना
सबसे पहले पालक, लाई और बथुआ को अच्छे से धो लें और काट लें। अब एक बड़े बर्तन में थोड़े से पानी के साथ इन पत्तियों को उबालें। साथ ही इसमें हरी मिर्च, अदरक और थोड़ा नमक डाल दें। 10-15 मिनट तक मध्यम आंच पर पकाएं जब तक पत्तियां नरम न हो जाएं.
2. पेस्ट तैयार करना
उबले हुए साग को थोड़ा ठंडा करके मिक्सी में दरदरा पीस लें। ज्यादा महीन न करें, हल्का दरदरा पेस्ट स्वाद में बेहतर होता है.
3. मक्के का आटा मिलाना
अब इस पेस्ट में मक्के का आटा मिलाएं। इससे साग में गाढ़ापन आता है और देसी स्वाद भी बरकरार रहता है। अच्छे से मिलाकर 5-7 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं.
4. तड़का लगाना
एक पैन में घी या सरसों का तेल गर्म करें। इसमें हींग, जीरा, कटी हुई लहसुन की कलियाँ और प्याज डालकर भूनें। जब प्याज सुनहरा हो जाए, तो कटे हुए टमाटर और लाल मिर्च पाउडर डालें। मसाला अच्छे से भूनें जब तक तेल न छोड़ दे.
5. साग में तड़का डालना
तैयार मसाले को साग में डालें और अच्छे से मिलाएं। 5-10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं ताकि सारे फ्लेवर अच्छे से मिल जाएं.
परोसने का तरीका:
पालक और लाई का गरमा-गरम साग मक्के की रोटी, गुड़, सफेद मक्खन या छाछ के साथ परोसें। स्वाद ऐसा कि सीधे गांव की याद दिला दे!
सेहत के फायदे:
पालक आयरन और फोलिक एसिड का अच्छा स्रोत है, जो खून की कमी को दूर करता है.
लाई या सरसों की पत्तियाँ पाचन में सहायक होती हैं और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं.
यह साग शरीर को गर्म रखने में मदद करता है, खासकर सर्दियों में.
पालक और लाई का साग न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि बेहद पौष्टिक भी है। इसे घर पर बनाना आसान है और इसका स्वाद किसी होटल से कम नहीं होता। तो इस सर्दी आप भी अपने परिवार को खिलाएं देसी स्वाद से भरपूर पालक और लाई का साग, और पाएं ढेर सारी सेहत भी.