
छठ पूजा पर घर में बनाएँ पारंपरिक ठेकुआ : छठ पूजा बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाने वाला एक प्रमुख पर्व है. यह पर्व सूर्य देव और छठी मइया को समर्पित होता है. इस अवसर पर व्रतधारी महिलाएँ निर्जला उपवास रखकर भगवान सूर्य को अर्घ्य देती हैं और प्रसाद स्वरूप “ठेकुआ” तैयार करती हैं। ठेकुआ न केवल इस पर्व का मुख्य प्रसाद होता है, बल्कि इसका स्वाद और खुशबू घर के हर कोने में भक्ति का माहौल बना देती है.
ठेकुआ बनाने की विधि (Thekua Recipe in Hindi)
सामग्री:
गेहूं का आटा – 2 कप
गुड़ – 1 कप (कसा या टुकड़ों में)
नारियल बुरादा – 2 बड़े चम्मच
सौंफ – 1 छोटी चम्मच
इलायची पाउडर – ½ छोटी चम्मच
घी – 2 बड़े चम्मच (मोयन के लिए)
पानी – आवश्यकतानुसार
तलने के लिए तेल या घी
विधि:
1. सबसे पहले गुड़ को आधा कप गुनगुने पानी में डालकर घोल लें। ध्यान रखें कि पानी ज़्यादा न हो, बस इतना कि गुड़ अच्छे से घुल जाए.
2. एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें। इसमें नारियल बुरादा, सौंफ, इलायची पाउडर और घी डालकर अच्छी तरह मिला लें.
3. अब गुड़ का घोल धीरे-धीरे डालते हुए आटा गूंधें। आटा न ज़्यादा सख्त होना चाहिए, न ज़्यादा मुलायम.
4. गूंधे हुए आटे से छोटे-छोटे गोले बनाएं और हाथ या सांचे की मदद से इन्हें मनचाहे आकार दें। पारंपरिक रूप से ठेकुआ पर लकड़ी के सांचे से सुंदर डिजाइन बनाई जाती है.
5. अब कढ़ाई में तेल या घी गर्म करें और मध्यम आंच पर ठेकुआ को सुनहरा भूरा होने तक तलें.
6. ठेकुआ को निकालकर ठंडा होने दें। ठंडा होने पर ये और कुरकुरे हो जाते हैं.
खास टिप्स:
यदि आप शुद्ध पारंपरिक स्वाद चाहती हैं, तो ठेकुआ को घी में तलें, आटे में दूध मिलाने से ठेकुआ और भी सॉफ्ट और स्वादिष्ट बनते हैं, इन्हें एयरटाइट डिब्बे में रखें, ये 10-12 दिन तक खराब नहीं होते. छठ पूजा का ठेकुआ केवल एक व्यंजन नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा का प्रतीक है. इसे बनाते समय व्रतधारी पूरे मन से भक्ति भाव रखते हैं। जब यह प्रसाद सूर्य देव को अर्पित किया जाता है, तो उसकी सुगंध और स्वाद हर घर में खुशहाली और सकारात्मकता का संचार करता है.