ईरान की ओर से सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और अन्य भाईचारे वाले देशों पर किए गए हमलों की मालदीव सरकार ने कड़ी निंदा की। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि वह क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा लाने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज करे।
जिनेवा संधियों का स्पष्ट उल्लंघन
मालदीव सरकार की ओर से कहा गया कि नागरिक इलाकों जैसे हवाई अड्डों और खाड़ी क्षेत्र में तेल सुविधाओं पर हुए हमले बेहद चिंता का विषय हैं। यह अंतरराष्ट्रीय कानून और जिनेवा संधियों का स्पष्ट उल्लंघन है। मालदीव सरकार ने इस बात पर भी अफसोस जताया कि इन हमलों के बावजूद खाड़ी देशों की ओर से कोई प्रतिकार नहीं किया गया।
बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की
मालदीव सरकार मध्य पूर्व की बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की, जो इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के बाद बनी। इन हमलों में एक लड़कियों के स्कूल पर हमला शामिल है, जिसमें सौ से अधिक नागरिक हताहत हुए थे। साथ ही अस्पतालों और तेल सुविधाओं पर हमले भी हुए, जिससे व्यापक नुकसान हुआ।
युद्धविराम की अपील करता है
मालदीव इस बात पर गहरी चिंता जताता है कि इन कार्रवाइयों ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है। क्षेत्र में जारी हिंसा किसी भी शांति की संभावना को कमजोर करती है और मालदीव सभी पक्षों से तुरंत युद्धविराम की अपील करता है।
1,500 पर्यटक मालदीव में फंस गए
मिडिल ईस्ट में हमले रोकने की अपील करते हुए भारत में इटली के राजदूत एंटोनियो बार्टोली ने कहा, इस युद्ध में इटली और भारत की एक ही प्राथमिकताएं हैं यानी दोनों पक्षों को तनाव कम करने, डिप्लोमैटिक बातचीत और शांति के लिए बढ़ावा देना, ताकि युद्ध को जल्द से जल्द रोका जा सके। हम खाड़ी क्षेत्र और विदेशों में इटली के हजारों नागरिकों का ध्यान रख रहे हैं। उदाहरण के लिए 1,500 पर्यटक मालदीव में फंस गए थे तो हम सिर्फ युद्ध के मैदान की बात नहीं कर रहे हैं। इसे जल्द से जल्द खत्म करना जरूरी है, ताकि सही कीमतों पर एनर्जी की रेगुलरिटी और स्थिरता बनी रहे। हम नहीं चाहते कि तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाए।