Mamata Banerjee: बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक अनोखा और असामान्य नजारा देखने को मिला, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद वकील की भूमिका में शीर्ष अदालत पहुंचीं। SIR से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान ममता ने बेंच के सामने स्वयं अपनी दलीलें रखीं। जैसे ही यह खबर फैली, सुप्रीम कोर्ट परिसर में वकीलों, वादियों और मीडियाकर्मियों की भारी भीड़ जमा हो गई।
बढ़ी उत्सुकता
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सुबह करीब 10 बजे पारंपरिक सफेद साड़ी और काले दुपट्टे में सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं। वह तृणमूल कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी सहित अन्य वकीलों के साथ नजर आईं। सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से औपचारिक अनुमति मिलने के बाद उन्होंने परिसर में प्रवेश किया, जहां उनकी एक झलक पाने के लिए लोग उमड़ पड़े।
सबकी निगाहें ममता पर
करीब 10 बजकर 5 मिनट पर ममता बनर्जी मुख्य न्यायाधीश के अदालत कक्ष में दाखिल हुईं और दर्शक दीर्घा में बैठीं। दोपहर के समय जब उनकी याचिका पर सुनवाई शुरू हुई, तब उन्हें वकीलों के लिए आरक्षित पहली पंक्ति में देखा गया। इस दौरान अदालत कक्ष में मौजूद लोगों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक थी।
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रखीं अपनी दलीलें
सुनवाई के दौरान पहले वरिष्ठ वकीलों ने पक्ष रखा, जिसके बाद ममता बनर्जी ने खुद बोलने की अनुमति मांगी। मुख्य न्यायाधीश ने संक्षिप्त समय के लिए उन्हें इजाजत दी। ममता ने चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए कहा कि वह राज्य की जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत आई हैं।
फिर दिखेंगी ममता
अदालत ने मामले में संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई की तारीख तय की गई है। बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी अगली तारीख पर भी सुप्रीम कोर्ट में मौजूद रहेंगी। इस पूरे घटनाक्रम ने देश की न्यायिक और राजनीतिक दुनिया में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।