ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता पुलिस ने FIR दर्ज की है। मामला मार्च 2026 में दिए गए एक राजनीतिक भाषण से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि भाषण में की गई कुछ टिप्पणियां सामाजिक तनाव बढ़ाने वाली थीं। FIR दर्ज होने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और इस घटनाक्रम को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
राजनीतिक भाषण बना विवाद की वजह
जानकारी के अनुसार, मार्च 2026 में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी ने एक समुदाय विशेष को लेकर बयान दिया था। इसी बयान को आधार बनाकर एक व्यापारी ने हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि भाषण की कुछ टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती हैं।
शिकायत के बाद दर्ज हुई FIR
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच की। जांच के बाद शिकायत को औपचारिक FIR में बदल दिया गया। पुलिस अब भाषण से जुड़े वीडियो, दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाई जाएगी।
अभिषेक बनर्जी भी जांच एजेंसियों के निशाने पर
इस बीच तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी भी विभिन्न मामलों को लेकर जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। हाल ही में उनसे पूछताछ किए जाने की खबरों ने राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दिया है।
टीएमसी के अन्य नेताओं पर भी कार्रवाई
पार्टी के नेता जहांगीर खान के खिलाफ भी प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। उन पर जबरन वसूली, अवैध कब्जा और लोगों को धमकाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। इन मामलों को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है।
बंगाल की राजनीति पर पड़ सकता है असर
ममता बनर्जी पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुकी हैं। विपक्ष FIR को बड़ा मुद्दा बनाकर सरकार पर हमला बोल रहा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस इसे राजनीतिक साजिश बता रही है। आने वाले दिनों में इस मामले की जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं बंगाल की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।