Mamata Banerjee Allowed To Protest: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पुलिस द्वारा धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद सड़क पर उतरकर विरोध जताने का फैसला किया है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले के विरोध में प्रस्तावित धरने को लेकर पार्टी और प्रशासन के बीच विवाद गहरा गया है। ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
रानी रासमणि रोड पर धरना देने की थी योजना
ममता बनर्जी ने पहले घोषणा की थी कि वह धर्मतला स्थित रानी रासमणि रोड पर सुबह से शाम तक धरने पर बैठेंगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनके दोपहर बाद कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने की योजना थी। इस प्रदर्शन का उद्देश्य अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के खिलाफ विरोध दर्ज कराना और राजनीतिक संदेश देना बताया गया था।
पुलिस ने नहीं दी अनुमति
सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता पुलिस ने रानी रासमणि रोड पर धरना देने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। प्रशासन ने इसके विकल्प के रूप में ‘वाई चैनल’ क्षेत्र में सीमित समय के लिए कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने इसे स्वीकार नहीं किया। पार्टी का कहना है कि निर्धारित स्थान पर ही प्रदर्शन किया जाना चाहिए था।
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सड़क पर उतरने का ऐलान
अनुमति न मिलने के बाद ममता बनर्जी ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उन्हें इस कार्यक्रम की अनुमति दी जाएगी या नहीं। राजनीतिक हलकों में इस बात को लेकर चर्चा है कि पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया क्या होगी और कार्यक्रम किस रूप में आयोजित किया जाएगा।
तृणमूल में आंतरिक विवाद भी चर्चा में
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच तृणमूल कांग्रेस ने अपने दो विधायकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। दोनों नेताओं ने हाल ही में पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए थे। पार्टी नेतृत्व ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की है। ऐसे में मंगलवार का प्रस्तावित प्रदर्शन न केवल सरकार के खिलाफ राजनीतिक संदेश देगा, बल्कि तृणमूल की आंतरिक चुनौतियों के बीच शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।