
कल्लू और मंडी को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे कई जगह बाधित हो गया है। भूस्खलन के कारण लोग पैदल चलने पर मजबूर हैं। पीडब्ल्यूडी और नेशनल हाईवे अथॉरिटी के कर्मचारी लगातार रिस्टोरेशन वर्क में जुटे हैं। ऑप्टिकल फाइबर केबल लाइन भी सड़क के साथ टूट चुकी है। सड़क और संचार दोनों ठप हो चुका है। इंटरनेट की स्पीड नहीं आ रही है। टेलीफोन लाइन और मोबाइल नेटवर्क भी काफी मुश्किल से जारी है। अप्टिकल फाइबर को जोड़ने काम तेजी से जारी है।
विदेशी पर्यटक परेशान, कई दिनों से हाईवे पर फंसे
भारतीय ही बल्कि विदेशी पर्यटक हिमाचल प्रदेश में परेशान नजर आए। इस दौरान कुछ विदेशी पर्यटक भी परेशानी में दिखे। यह यूक्रेनी पर्यटक है जो हिमालय का वीडियो बनाने के लिए पहुंचे। बीते दो दिनों से इसी हाईवे पर फंसे हुए हैं। ये पैदल ही सफल तय कर रहे हैं। ।
टूटा मंडी का सड़क संपर्क
मंडी को कुल्लू से जोड़ने वाला नेशनल हाईवे भूस्खलन के कारण टूट गया है। सभी सड़क के संपर्क मार्ग भी बारिश और भूस्खलन के कारण टूटे हुए हैं। बीते छह घंटे से मनाली और कल्लू का संपर्क कट गया। इसे बहाल करने को लेकर तीन बड़ी-बड़ी मशीनों के माध्यम से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ पीडब्ल्यूडी विभाग हिमाचल प्रदेश का काम युद्ध स्तर पर हो रहा है।
हिमाचल की आपदा से बढ़े सेब के दाम
मंडी और उसके ऊपर के हिमाचल के जिलों में जहां सेब की पैदावार होती है। यहां पर बड़ी संख्या में ट्रक मैदानी भारत में पहुंचने का प्रयास हो रहा है। यहां भूस्खलन के कारण रास्ते खुल नहीं पाए हैं। इसकी वजह से दिल्ली समेत देश के बड़े शहरों में आने वाले समय में सेब के दाम बढ़ सकता है। सेब के ट्रक ले जाने वाले ड्राइवर भी परेशान हैं।
व्यास के संघार पर ब्रेक
इस बांध के माध्यम से व्यास नदी के प्रकोप को मंडी से नीचे वाले मैदानी क्षेत्र में जाने से रोका। इसके दो गेट अब खोल दिए गए। अगर यह डैम नहीं होता तो मंडी के नीचे बिलासपुर और उसके बाद पंजाब के क्षेत्र में भी व्यास के प्रकोप से त्राहिमाम यानी प्राकृतिक आपदा देखने को मिलता है।