मंदसौर जिले से सामने आई साइबर ठगी की यह कहानी हर किसी को चौंकाने वाली है। महज 10वीं पास एक युवक ने टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल कर निवेशकों को करोड़ों का चूना लगा दिया। एमएलएम मॉडल पर फर्जी कंपनी बनाकर लोगों को मोटे मुनाफे का लालच दिया गया और जब सच्चाई सामने आई तो आरोपी डिजिटल तरीकों से पुलिस को चकमा देता रहा। आखिरकार साइबर तकनीक के दम पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
10वीं पास युवक ने रचा करोड़ों की ठगी का प्लान
मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ क्षेत्र का रहने वाला अजय राठौर इस ठगी का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। करीब तीन साल पहले उसने अपने साथी आदित्य पालीवाल के साथ मिलकर एक इन्वेस्टमेंट कंपनी की शुरुआत की। कंपनी के जरिए लोगों को सालाना 15 प्रतिशत रिटर्न का भरोसा दिलाया गया। शुरुआत में कुछ निवेशकों को रकम लौटाकर भरोसा जीता गया और फिर धीरे-धीरे बड़ी राशि जमा कर ली गई।
MLM मॉडल बना ठगी का हथियार
आरोपियों ने मल्टी लेवल मार्केटिंग (MLM) की तर्ज पर नेटवर्क खड़ा किया। एक निवेशक के जरिए दूसरे निवेशकों को जोड़ा गया और पैसा तेजी से बढ़ता गया। लोगों को लगा कि यह एक भरोसेमंद कंपनी है, लेकिन तय समय पर न तो मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस की गई।
एथिकल हैकिंग की पढ़ाई, लेकिन रास्ता बना अपराध का
अजय राठौर ने फ्रॉड से पहले एथिकल हैकिंग का कोर्स किया था। इसी तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल कर वह सिम-रहित मोबाइल, प्रॉक्सी नेटवर्क और वर्चुअल लोकेशन के जरिए पुलिस को गुमराह करता रहा। बार-बार ठिकाने बदलकर वह खुद को कानून की पकड़ से दूर रखता था।
ऐशो-आराम की जिंदगी और फर्जी पहचान
ठगी के पैसों से आरोपियों ने लग्जरी लाइफस्टाइल अपना ली थी। करीब 80 लाख रुपये की महंगी कार, निजी सुरक्षा के लिए गनमैन और हरियाणा के फरीदाबाद में आरामदायक जीवन जी रहे थे। इतना ही नहीं, वहां गारमेंट्स शॉप की आड़ में खुद को सामान्य कारोबारी बताने की कोशिश की जा रही थी।
72 शिकायतों के बाद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
2 जनवरी 2025 को पहली शिकायत दर्ज होने के बाद एक सप्ताह में 72 पीड़ित सामने आए। इसके बाद मंदसौर पुलिस की साइबर सेल ने डिजिटल सर्विलांस, बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। आखिरकार फरीदाबाद से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
अब बेनामी संपत्ति की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब आरोपियों से ठगी की रकम, बेनामी संपत्तियों और अन्य सहयोगियों को लेकर पूछताछ कर रही है। इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।