
बीते दिनों संसद में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान पक्ष और विपक्ष में जमकर बहस हुई। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने पहलगाम आतंकी हमले पर केंद्र सरकार को घेरने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा, '33 देशों में भेजे गए प्रतिनिधिमंडलों में से किसी ने भी पाकिस्तान को दोषी नहीं ठहराया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने भी पाकिस्तान को लेकर कुछ नहीं कहा। बस हम ही चिल्ला-चिल्लाकर ये कहते रहे हैं कि पाकिस्तान जिम्मेदार है.'
आतंकियों को पाकिस्तान से प्रशिक्षिण मिला
पूर्व केंद्रीय मंत्री अय्यर ने कहा, 'हम यह साबित नहीं कर सके कि पहलगाम में आतंकी हमला करवाने वाली एजेंसी कौन थी। हम ही इकलौते हैं जो पाकिस्तान को ठहरा रहे हैं, लेकिन इसे कोई गंभीरता से नहीं लेता है।.' शुरूआत से ही सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का यह दावा रहा है कि पहलगाम हमला लश्कर-ए-तैयबा की ओर से कराया गया था। मारे गए आतंकियों को पाकिस्तान से प्रशिक्षिण मिला था। फंडिंग भी यहीं से की गई थी। ऑपरेशन महादेव के वक्त जम्मू-कश्मीर के जंगलों में आतंकी मार गिराए गए।
गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई को आतंक के खिलाफ एक निर्णायक जवाब माना। उनका दावा है कि हमने सबूतों के साथ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की भूमिका को उजागर किया है। मणिशंकर अय्यर के अनुसार, किसी भी देश ने पाकिस्तान को खुले तौर पर दोषी नहीं ठहराया गया। इस बीच UN और अमेरिका जैसे संस्थानों ने भी कुछ नहीं बोला। देश की सरकार किसी तरह का ठोस फॉरेंसिक या इंटेलिजेंस सबूत सामने नहीं रखे हैं।
आतंकी हमले ने झकझोर दिया
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई। इस घटना में आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों को गोली मारी। यह घटना उस वक्त हुई,जब घाटी में पर्यटकों का आने का सिलसिला था।