मणिपुर में सस्पेंस खत्म हो गया है और युमनाम खेमचंद सिंह राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। वे बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए हैं और जल्द ही शपथ लेंगे। खेमचंद सिंह मणिपुर की राजनीति में एक अनुभवी चेहरा हैं और उन्होंने 2017 से 2022 तक मणिपुर विधानसभा के स्पीकर के रूप में काम किया है। वे 2022 में एन.बीरेन सिंह की कैबिनेट में भी मंत्री रहे हैं। युमनाम खेमचंद सिंह की सरकार मणिपुर में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर फोकस करेगी, जिनमें शामिल हैं:
समरसता को बढ़ावा देने के लिए काम किया जाएगा
खेमचंद सिंह मेतई समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और सिंगजामेई विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वे एक ताइक्वांडो खिलाड़ी भी रहे हैं और उन्हें 5th डैन ब्लैक बेल्ट मिली है। उनकी सरकार राज्य में स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करेगी, जो लंबे समय से हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता से प्रभावित है। मणिपुर में शांति और समरसता को बढ़ावा देने के लिए काम किया जाएगा, खासकर मैतई और कुकी समुदायों के बीच।
सरकार की प्राथमिकता हो सकती है
खेमचंद सिंह ने पहले नगर प्रशासन और आवास विकास मंत्री के रूप में काम किया है, इसलिए इस क्षेत्र में उनकी सरकार की प्राथमिकता हो सकती है। उनकी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और पंचायती राज को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और विकास उनकी सरकार की एक अन्य प्राथमिकता हो सकती है।
तनाव को कम करने के लिए काम करना होगा
मणिपुर में हाल के वर्षों में हिंसा और अस्थिरता की घटनाएं हुई हैं, खासकर मैतई और कुकी समुदायों के बीच। सरकार को शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए काम करना होगा। मणिपुर एक गरीब राज्य है, और सरकार को विकास और आर्थिक सुधार के लिए काम करना होगा। मणिपुर में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति खराब है, और सरकार को इन क्षेत्रों में सुधार के लिए काम करना होगा। मणिपुर में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है, और सरकार को प्रशासनिक सुधार के लिए काम करना होगा। सरकार को कुकी और मैतई समुदायों के बीच तनाव को कम करने के लिए काम करना होगा।