मध्य पूर्व में ईरान और इजराइल के बीच चल रही जंग का असर अब भारतीयों पर भी पड़ने लगा है। इसी बीच कतर की राजधानी दोहा में रह रहीं मध्यप्रदेश की मनीषा भटनागर भी इस तनाव के बीच फंस गईं। मनीषा, जो कि पिछले तीन वर्षों से दोहा में कार्यरत हैं,
उन्होंने हवाई हमलों की आवाजें सुनने और डर का सामना करने के बाद अपने पति से मदद की गुहार लगाई। पति ने राज्य सरकार से संपर्क किया और अब मुख्यमंत्री ने खुद इस मामले को संज्ञान में लेते हुए राहत के संकेत दिए हैं।
दोहा में मिसाइल हमलों से सहमी मनीषा
मनीषा भटनागर, जो दोहा में एक प्रतिष्ठित एयरलाइन में सीनियर केबिन क्रू के रूप में कार्यरत हैं, ने सोमवार रात अपने पति रजत को फोन कर बताया कि उनके घर के आसपास मिसाइल हमलों की आवाजें आ रही हैं। वह बेहद घबराई हुई थीं और उनके फोन कटने के बाद से परिवार की चिंता और बढ़ गई।
पति ने की मुख्यमंत्री से गुहार, तुरंत मिला जवाब
मनीषा के पति रजत भटनागर ने जब पत्नी से संपर्क नहीं हो पाया, तो उन्होंने सोशल मीडिया और पार्टी कार्यकर्ताओं के जरिए मुख्यमंत्री से संपर्क साधा। मुख्यमंत्री ने तुरंत मामले को संज्ञान में लिया और आश्वासन दिया कि मनीषा की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र से समन्वय स्थापित कर जरूरी कदम उठाए।
संपर्क हुआ बहाल, जल्द होगी स्वदेश वापसी
परिवार की चिंता तब कुछ हद तक कम हुई जब मंगलवार देर शाम मनीषा से दोबारा संपर्क हो पाया। उन्होंने बताया कि वे सुरक्षित हैं और जल्द ही स्वदेश लौटेंगी। परिवार को जिला प्रशासन की ओर से भी फोन आया, जिसमें उन्हें आश्वस्त किया गया कि मनीषा की वापसी की प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री
ने सोशल मीडिया पर
दी जानकारी
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि मनीषा की स्थिति को लेकर उन्होंने केंद्र से सहयोग मांगा है और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मनीषा की सकुशल वापसी के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। उनका कहना था कि विदेश में फंसे हर नागरिक की सुरक्षा और वापसी राज्य की प्राथमिकता है।