MANN KI BAAT 138TH EPISODE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में मध्य प्रदेश के युवाओं के नदी सफाई अभियान का खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुछ युवा नदी को साफ करने के प्रयास में जुटे हैं और उनके छोटे से प्रयास से धीरे-धीरे पूरा समाज जुड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने इसे जनभागीदारी की ताकत का उदाहरण बताया। हालांकि, संबोधन में उन्होंने इस अभियान से जुड़ी नदी, स्थान या युवाओं के नाम की जानकारी नहीं दी।
छोटे प्रयास से बनता है बड़ा अभियान
महात्मा गांधी जयंती और स्वच्छता के प्रयासों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में लोग अपने स्तर पर स्वच्छता के लिए काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए भी ऐसे प्रयासों की तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी अभियान की शुरुआत एक व्यक्ति से हो सकती है, लेकिन जब दूसरे लोग उससे जुड़ते जाते हैं तो वही छोटा प्रयास बड़े कारवां में बदल जाता है। प्रधानमंत्री ने इसे जनभागीदारी बताते हुए कहा कि बापू को इससे बेहतर श्रद्धांजलि स्वच्छता के जरिए नहीं दी जा सकती।
सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे होने का जिक्र
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने 28-29 सितंबर 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक को भी याद किया। उन्होंने कहा कि इस सैन्य कार्रवाई को एक दशक पूरा होने जा रहा है। प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना की एलओसी पार जाकर की गई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया।
जनगणना में 32 करोड़ से ज्यादा परिवार
प्रधानमंत्री ने देश में चल रही जनगणना की जानकारी साझा करते हुए कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है और 32 करोड़ से ज्यादा परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि नागरिक मोबाइल के जरिए स्व-गणना भी कर सकते हैं। यह सुविधा हिंदी समेत 16 भाषाओं में उपलब्ध है और अब तक 2 करोड़ 60 लाख से ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल कर चुके हैं।
अशोक सिंहल और मोढेरा सूर्य मंदिर का जिक्र
27 सितंबर को अशोक सिंहल की 100वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री ने उन्हें याद किया। उन्होंने रामजन्मभूमि आंदोलन में सिंहल की भूमिका और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ उनके प्रयासों का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने गुजरात के मोढेरा सूर्य मंदिर की कहानी भी साझा की। उन्होंने सोमनाथ के साथ मोढेरा मंदिर पर हुए ऐतिहासिक हमले और राजा भीमदेव प्रथम द्वारा इसके पुनर्निर्माण का जिक्र किया। साथ ही मोढेरा को देश के पहले सौर ग्राम के रूप में बताया।
पर्यावरण संरक्षण से लेकर नशा मुक्ति तक
प्रधानमंत्री ने असम के सोनाई रुपाई वन्यजीव अभयारण्य में हाथियों की वापसी और पिग्मी हॉग संरक्षण का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि पिग्मी हॉग संरक्षण कार्यक्रम की शुरुआत छह जानवरों से हुई थी और अब इनकी संख्या 190 से ज्यादा हो चुकी है। पश्चिम बंगाल के सुंदरबन में महिलाओं द्वारा मैंग्रोव लगाने के प्रयासों की भी चर्चा हुई। इसके अलावा ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ के तहत 100 सप्ताह तक चलने वाली गतिविधियों का उल्लेख किया गया। इसमें MY Bharat, NSS, स्कूल-कॉलेज और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी की बात कही गई।
गांवों से खेल प्रतिभाओं की तलाश पर जोर
प्रधानमंत्री ने खेल प्रतिभाओं को गांवों और छोटे शहरों से खोजने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने पंजाब के पूर्व हॉकी खिलाड़ी और कोच राजिंदर सिंह के प्रयासों का उदाहरण दिया, जो गांवों में बच्चों की प्रतिभा तलाशने और उन्हें प्रशिक्षण देने का काम कर रहे हैं।
आंवला, पोषण और गणेश प्रतिमाओं का भी जिक्र
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में आंवला आधारित उद्योगों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के काम का प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया। वहीं पोषण माह के दौरान छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र और मिजोरम में चल रहे स्थानीय प्रयासों की चर्चा की। गणेश उत्सव के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने थाईलैंड में भगवान गणेश से जुड़ी आस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने चियांग माई के गणेश हिमाल म्यूजियम का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां 10 हजार से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं का संग्रह है और हर रविवार गणेश पूजा होती है।