रविवार, 28 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को मन की बात के 126वें संस्करण में संबोधित किया। यह कड़ी कई ऐतिहासिक और प्रेरणादायक संदेशों से भरपूर रही। पीएम मोदी ने स्वर कोकिला लता मंगेश्कर की जयंती पर उन्हें याद किया, शहीद भगत सिंह की वीरता को नमन किया और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में समुद्र पर साहसिक यात्रा करने वाली नौसेना की बेटियों की चर्चा के साथ ही आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने पर विशेष संदेश भी दिया गया।
लता मंगेश्कर और वीर सावरकर का जुड़ाव
पीएम मोदी ने लता मंगेश्कर को याद करते हुए बताया कि वह वीर सावरकर को ‘तात्या’ कहती थीं और उनके गीतों को अपने स्वर में सजाती थीं। उन्होंने लता दीदी के साथ अपनी पहली मुलाकात और गीतों की यादें भी साझा कीं।
भगत सिंह की निर्भीकता का जिक्र
प्रधानमंत्री ने भगत सिंह के उस पत्र को याद किया जिसमें उन्होंने फांसी की बजाय गोली मारने की इच्छा जताई थी। मोदी ने युवाओं को भगत सिंह की निर्भीकता और देशभक्ति से प्रेरणा लेने की अपील की।
समुद्र की बेटियों का अदम्य साहस
मन की बात में पीएम मोदी ने नौसेना की दो महिला अफसरों की 50,000 किमी की नाविका सागर परिक्रमा यात्रा की सराहना की और उनसे सीधे संवाद किया।स्वदेशी और राष्ट्र सेवा का संदेश
मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी उत्पाद अपनाने की शपथ लेने की अपील की और आरएसएस के 100 वर्षों की सेवा भावना को सलाम किया।