.jpg%3Falt%3Dmedia%26token%3D247f8c16-7293-4182-8ba1-4213720eda64&w=3840&q=75)
Entertainment News : बिहार विधानसभा चुनावों से पहले अचानक एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें अभिनेता मनोज बाजपेयी को किसी राजनीतिक दल का समर्थन करते हुए दिखाया गया। इस वीडियो को देखते ही सियासी हलचल तेज हो गई, लेकिन बाजपेयी ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह किसी पार्टी से जुड़े नहीं हैं और वीडियो फर्जी, पैच-अप एडिट है.
उन्होंने अपने X (पहले ट्विटर) अकाउंट पर लिखा कि यह क्लिप मूलतः Prime Video के लिए किया गया एक विज्ञापन है, जिसे छेड़छाड़ कर राजनीतिक संदेश का रूप दे दिया गया है. बाजपेयी ने अपील की कि लोग इस तरह की विकृत सामग्री को साझा न करें और मिथ्या क्लिप पर विश्वास न करें. इस मामले में, उन्होंने विशेष रूप से RJD (राष्ट्रवादी जनता दल) की IT इकाई को निशाना बनाया, आरोप लगाते हुए कि उसी ने इस वीडियो का प्रचार किया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस तरह की मनमानी इस्तेमाल से न केवल व्यक्तिगत इमेज को नुकसान पहुँचता है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को भी बदनाम किया जाता है.
इस घटना ने डिजिटल युग में राजनीति और मीडिया के बीच बढ़ती चुनौतियों को भी उजागर किया है, जहाँ deepfake, छेड़छाड़ और मिसइन्फोर्मेशन का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा सकता है.
मनोज बाजपेयी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी पार्टी के साथ संबद्ध नहीं हैं और वायरल वीडियो पूरी तरह से एक एडिटेड वर्जन है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि चुनावी प्रचार में सामग्री की सत्यता कहाँ सुनिश्चित की जाए — और कलाकारों को अपनी प्रतिष्ठा कैसे सुरक्षित रखनी चाहिए.