मार्च की शुरुआत में ही मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज गर्मी ने लोगों को हैरान कर दिया है। कई जिलों में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है और मौसम में लू जैसी स्थिति महसूस होने लगी है। आमतौर पर इतनी गर्मी मई की शुरुआत में पड़ती है, लेकिन इस बार मार्च में ही तापमान सामान्य से 8 से 13 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इसके पीछे कई अहम कारण हैं।
तापमान ने तोड़ा सामान्य पैटर्न
मध्य भारत में इस बार मौसम का पैटर्न सामान्य से काफी अलग दिखाई दे रहा है। मार्च के पहले ही सप्ताह में तापमान तेजी से बढ़ गया है और कई इलाकों में यह 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। आमतौर पर फरवरी के बाद मार्च का मौसम सुहाना रहता है, लेकिन इस बार अचानक गर्म दिन देखने को मिल रहे हैं। कई शहरों में पारा सामान्य से 8 से 13 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया है, जिससे हीटवेव जैसी स्थिति बनने लगी है।
सूखी सर्दी बनी जल्दी गर्मी की वजह
इस बार सर्दियों के दौरान बारिश और बर्फबारी काफी कम रही। जनवरी और फरवरी के महीनों में पूरे देश में सामान्य से करीब 60 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। सर्दियों में बारिश कम होने से मिट्टी में नमी नहीं रह पाती और जमीन जल्दी गर्म हो जाती है। यही वजह है कि गर्मी का असर सामान्य समय से पहले महसूस होने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह स्थिति पिछले कई वर्षों में कम ही देखने को मिली है।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की कमी का असर
सर्दियों के दौरान पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की संख्या कम रही। यह वही मौसम प्रणाली होती है जो ईरान और भूमध्यसागर के आसपास से नमी लेकर भारत के उत्तर और मध्य हिस्सों में बारिश और बर्फबारी कराती है। जब यह सिस्टम सक्रिय नहीं होता तो ठंड कम पड़ती है और तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। इसी कारण इस साल सर्दी कमजोर रही और मार्च में गर्मी जल्दी शुरू हो गई।
किसानों और फसलों पर बढ़ेगा असर
तापमान में अचानक बढ़ोतरी का सीधा असर रबी की फसलों पर पड़ सकता है। गेहूं, सरसों, चना और अन्य फसलों को अधिक गर्मी से नुकसान होने की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए नियमित सिंचाई करनी होगी। हालांकि इससे स्थानीय जल संसाधनों पर दबाव भी बढ़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले कुछ दिनों में नया मौसम तंत्र सक्रिय होने पर तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है।