Marco Rubio India Visit : भारत और अमेरिका के रिश्तों में जारी खींचतान के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा पर सबकी नजरें टिकी हैं। मंगलवार को मुंबई में उनकी विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ मुलाकात प्रस्तावित है। इस बातचीत में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठ सकते हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अटकी हुई है, ऐसे में यह बैठक द्विपक्षीय संबंधों की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुंबई में होगी अहम मुलाकात
उज्बेकिस्तान की यात्रा के बाद मार्को रुबियो व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुंबई पहुंचने वाले हैं। मई के बाद यह उनकी दूसरी भारत यात्रा बताई गई है। इससे पहले उन्होंने नई दिल्ली में एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बातचीत की थी और क्वाड शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। इस बार दोनों नेताओं के बीच सहयोग के मौजूदा रास्तों को आगे बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा होने की उम्मीद है।
रक्षा और तकनीक पर रहेगा जोर
बैठक में रक्षा और सुरक्षा के अलावा तकनीक, ऊर्जा तथा महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत हो सकती है। ये क्षेत्र दोनों देशों की आर्थिक और रणनीतिक प्राथमिकताओं से जुड़े हैं। इसके साथ ही यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इन संघर्षों के कारण खाद्य, ईंधन और उर्वरक की आपूर्ति पर पड़ने वाले असर को लेकर भी दोनों पक्ष विचार-विमर्श कर सकते हैं।
रूस और यूक्रेन का मुद्दा भी अहम
रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत की ओर से युद्धविराम से संबंधित एक प्रस्ताव रखे जाने की जानकारी सामने आई है। इसका उद्देश्य ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने तथा काला सागर में व्यापारिक जहाजों पर हमलों को रोकने जैसे मुद्दों पर ध्यान देना बताया गया है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अमेरिका की प्रतिक्रिया और बातचीत के दौरान इसकी स्थिति को लेकर अंतिम जानकारी सामने आना बाकी है। क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक व्यापार भी बैठक के संभावित एजेंडे में शामिल हो सकते हैं।
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व्यापारिक रिश्तों में बनी हुई है चुनौती
पिछले एक साल में भारत-अमेरिका संबंधों पर व्यापार और टैरिफ नीतियों का असर पड़ा है। अमेरिकी प्रशासन की शुल्क नीतियों, भारतीय पेशेवरों पर पाबंदियों और पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंधों को लेकर भी मतभेद सामने आए हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत फिलहाल ठहरी हुई बताई जा रही है। इसके बावजूद अधिकारी समझौते तक पहुंचने के विकल्प तलाश रहे हैं। आने वाली बहुपक्षीय बैठकों में दोनों देशों के नेताओं की संभावित मुलाकात भी चर्चा का विषय हो सकती है।
जामनगर रिफाइनरी पर भी नजर
रुबियो के कार्यक्रम में गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनरी का दौरा भी शामिल बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह 21 अक्टूबर को यहां कुछ घंटे बिता सकते हैं। जामनगर रिफाइनरी रूसी तेल के प्रसंस्करण के लिए महत्वपूर्ण केंद्र रही है। वहीं, रिलायंस अमेरिका के टेक्सास में बड़ी रिफाइनरी परियोजना में निवेश कर रही है और वेनेजुएला से भी तेल खरीदती है। इस यात्रा के दौरान ऊर्जा कारोबार और दोनों देशों के आर्थिक हितों से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान रहने की संभावना है।