मार्क वुड ने आईपीएल से जुड़ा एक ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। उन्होंने बताया कि एक सीजन के दौरान पांच मैच खेलने के बाद वह अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे। उन्हें तेज बुखार था और हालत इतनी खराब हो गई थी कि वह बिस्तर से उठने तक की स्थिति में नहीं थे। अगले मैच में सिर्फ तीन दिन का समय बचा था, लेकिन उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी। डॉक्टर हर आधे घंटे में उनके कमरे में आकर जांच कर रहे थे ताकि उन्हें किसी तरह फिट किया जा सके।
फ्रेंचाइजी मालिक का चौंकाने वाला ऑफर
वुड ने बताया कि इसी दौरान एक फ्रेंचाइजी मालिक ने उन्हें फोन किया और उनकी सेहत के बारे में पूछा। जब उन्होंने बताया कि वह कुछ खा भी नहीं पा रहे हैं और पूरी तरह कमजोर हो चुके हैं, तब मालिक ने एक हैरान करने वाली पेशकश कर दी। उन्होंने कहा कि वह प्राइवेट जेट भेजेंगे, जिससे वुड सीधे मैदान पर पहुंचकर मैच खेल सकें। इतना ही नहीं, मैच खत्म होते ही दूसरे प्राइवेट जेट से उन्हें वापस उनके कमरे तक छोड़ने की भी बात कही गई। यह ऑफर दिखाता है कि टीम उन्हें किसी भी हालत में मैदान पर उतारना चाहती थी।
पिता से सलाह, फिर लिया बड़ा फैसला
इस अजीबोगरीब प्रस्ताव को सुनकर वुड कुछ देर के लिए सोच में पड़ गए थे। उन्होंने इस बारे में अपने पिता से बात की और सलाह मांगी। आखिरकार उन्होंने अपनी सेहत को सबसे ऊपर रखते हुए इस ऑफर को ठुकराने का फैसला किया। उनका मानना था कि खराब स्वास्थ्य में खेलना न सिर्फ प्रदर्शन को प्रभावित करेगा, बल्कि लंबे समय के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। यह फैसला उनके करियर के लिए बेहद अहम साबित हुआ।
आईपीएल में सीमित लेकिन प्रभावी सफर
मार्क वुड का आईपीएल करियर ज्यादा लंबा नहीं रहा है, लेकिन जब भी उन्हें मौका मिला, उन्होंने अपनी रफ्तार से प्रभावित किया। वह चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स जैसी टीमों का हिस्सा रह चुके हैं। खासतौर पर लखनऊ के लिए खेलते हुए उन्होंने कुछ ही मैचों में कई विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की थी।
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खिलाड़ियों पर दबाव की झलक
वुड की यह कहानी यह भी दिखाती है कि आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ियों पर कितना दबाव होता है। टीमों की उम्मीदें इतनी ज्यादा होती हैं कि खिलाड़ी की फिटनेस से ज्यादा उसकी उपलब्धता को अहम मान लिया जाता है। हालांकि, वुड का फैसला यह साबित करता है कि खिलाड़ी के लिए अपनी सेहत सबसे महत्वपूर्ण होती है और उसी के आधार पर सही निर्णय लेना जरूरी है।