जीएसटी 2.0 की घोषणा के बाद शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 300 अंक तक चढ़ा और निफ्टी भी मजबूती के साथ खुला, लेकिन यह तेजी टिक नहीं पाई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 135 अंक गिरकर बंद हुआ और निफ्टी 24,700 के नीचे आ गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि नई जीएसटी दरों ने शुरुआती उत्साह तो पैदा किया, लेकिन मुनाफावसूली के दबाव ने इंडेक्स को नीचे खींच लिया।
क्यों टूटा बाजार?
नई जीएसटी दरों से आम उपभोक्ता वस्तुओं पर असर पड़ने वाला है। रोटी, पराठा, आइसक्रीम, तेल और टीवी जैसे सामान सस्ते होंगे, वहीं स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर कर नहीं लगेगा। जीएसटी अब दो स्लैब—5% और 18%—में सीमित कर दिया गया है। शुरुआती दौर में निवेशकों ने इसे पॉजिटिव लिया, लेकिन मिड सेशन में मुनाफावसूली ने बाजार की बढ़त छीन ली।
कौन से शेयर रहे चमकदार?
सेंसेक्स की कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर सबसे ज्यादा 5.96% तक चढ़े। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईटीसी और एचडीएफसी बैंक भी लाभ में बंद हुए। इन सेक्टर्स में शुरुआती तेजी ने बाजार को संभाले रखा।
किसे हुआ नुकसान?
मारुति सुजुकी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एचसीएल टेक, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, इन्फोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे दिग्गज शेयर दबाव में आ गए। टेक्नोलॉजी और ऑटो सेक्टर की कमजोरी ने सूचकांकों पर अतिरिक्त भार डाला।
आगे का संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार जीएसटी 2.0 के असर को परखने की कोशिश करेगा। घरेलू खपत वाले सेक्टर में लंबी अवधि के लिए निवेशकों को लाभ मिल सकता है, लेकिन निकट भविष्य में मुनाफावसूली का दौर जारी रहने की संभावना है।