Vivah Muhurat 2026: हिंदू विवाह संस्कार में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व माना गया है। ग्रहों की अनुकूल स्थिति और पंचांग के अनुसार तय किए गए शुभ समय को ही वैवाहिक जीवन की मंगल शुरुआत के लिए उपयुक्त माना जाता है। साल 2026 में भी कई ऐसे अवसर मिलेंगे जब दूल्हा–दुल्हन शुभ लग्न में सात फेरे ले सकेंगे। हालांकि दिसंबर 2025 के बाद शुरू होने वाले खरमास और शुक्र अस्त की वजह से विवाह का सिलसिला कुछ समय के लिए थम जाएगा। आइए जानते हैं साल 2026 में शादी के लिए कौन–कौन से शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे।
दिसंबर के बाद रुकेगी शादियाँ: खरमास और शुक्र अस्त का प्रभाव
हिंदू पंचांग के अनुसार सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करते ही खरमास की शुरुआत हो जाती है। इस अवधि को मांगलिक कार्यों, विशेषकर विवाह, उपनयन, गृह प्रवेश आदि के लिए अशुभ माना जाता है। दिसंबर 2025 में लगने वाले इस खरमास के चलते नए साल की शुरुआत में भी विवाह मुहूर्त उपलब्ध नहीं होगा। इसके साथ ही शुक्र ग्रह का अस्त होना भी शादी–विवाह पर रोक लगाने वाला महत्वपूर्ण कारण माना जाता है। शुक्र के उदय होने तक विवाह जैसे शुभ कार्य टाल दिए जाते हैं। इसलिए 2026 के शुरुआती महीनों में शुभ मुहूर्त सीमित रहेंगे।
नए साल 2026 में उपलब्ध रहेंगे शुभ विवाह मुहूर्त
जब खरमास समाप्त होगा और शुक्र उदय होगा, तब विवाह शुभारंभ के अवसर खुलेंगे। साल 2026 में वसंत और ग्रीष्म ऋतु के दौरान कई ऐसे दिन मिलेंगे जिन्हें शुभ लग्न के साथ अत्यंत अनुकूल माना गया है। इन मुहूर्तों में नक्षत्र, तिथि व ग्रह–स्थिति ऐसी होगी जो दांपत्य जीवन को सुखद और स्थिर बनाने में सहायक मानी जाती है। फाल्गुन, चैत्र और वैशाख महीने के कई दिन विशेष रूप से मांगलिक कार्यों के लिए शुभ बताए गए हैं। ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक परिवारजन इन्हीं महीनों में विवाह के आयोजन की योजना बनाते हैं।
उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ विवाह की तैयारी करें
विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का मिलन है। इसलिए हर कोई चाहता है कि यह शुभ कार्य ग्रह–नक्षत्रों की अनुकूलता के साथ संपन्न हो। वर्ष 2026 के मुहूर्त उन लोगों के लिए अवसर लाएँगे जो लंबे समय से विवाह की प्रतीक्षा कर रहे हैं। शुभ समय में किए गए विवाह से जीवन में सौभाग्य और समृद्धि आने का विश्वास रखा जाता है। इसलिए पंचांग, ज्योतिषीय गणना और परंपराओं को ध्यान में रखते हुए अपने विवाह की तिथि निश्चित करना हमेशा लाभकारी माना जाता है।