Maruti e-Vitara Safety Rating: भारत में जब भी कार खरीदने की बात आती है, तो देश की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। अब मारुति अपनी पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी ई-विटारा के साथ इलेक्ट्रिक सेगमेंट में कदम रखने जा रही है। भारत में बनी इस मेड इन इंडिया कार ने अब ग्लोबल लेवल पर भी अपनी मजबूती का डंका बजा दिया है। बता दें कि जापान न्यू कार एसेसमेंट प्रोग्राम के क्रैश टेस्ट और सुरक्षा मूल्यांकनों में मारुति ई-विटारा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 4-स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल की है।
जापान में कैसी रही परफॉर्मेंस
जापान एनकैप के मूल्यांकन में ई-विटारा को दुर्घटनाओं से बचाने वाली तकनीकों यानी प्रिवेंटिव सेफ्टी के मामले में टॉप A रैंक मिली है, जो यह बताती है कि कार के स्मार्ट सेफ्टी फीचर्स हादसों को टालने में बेहद असरदार हैं। जबकि कोलिजन सेफ्टी में इसे B रैंक दी गई है। वहीं, इसका ऑटोमैटिक इमरजेंसी एक्सीडेंट रिपोर्टिंग सिस्टम एडवांस टाइप-II' कैटेगरी में रखा गया है।
एडवांस्ड ड्राइविंग असिस्टेंस में भी रही आगे
वहीं, दिन और रात में पैदल चलने वालों व साइकिल चालकों की सुरक्षा, लेन-डिपार्चर प्रिवेंशन, बेहतरीन हेडलाइट्स और एक्सीलेटर पैडल गलती से दबने पर सुरक्षा देने वाले फीचर्स को कड़े टेस्ट में उच्चतम लेवल 5-रेटिंग मिली है। हालांकि चौराहे पर मुड़ते समय या क्रॉसिंग वाले कुछ जटिल ट्रैफिक सिनेरियो में इसके स्कोर थोड़े अलग लेवल 2 से लेवल 4 के बीच रहे हैं।
यह भी पढ़ें: CNG कार में सामान रखने की झंझट खत्म! ये हैं शानदार डिग्गी स्पेस वाली 3 बेहतरीन सीएनजी SUVs
ड्राइवर और पैसेंजर की सुरक्षा
फुल-विथ फ्रंटल इम्पैक्ट टेस्ट में ड्राइवर की सुरक्षा के लिए इसे उच्चतम लेवल 5 रेटिंग मिली है। इसके अलावा साइड इम्पैक्ट और पीछे से टक्कर लगने पर गर्दन की सुरक्षा के लिए भी ड्राइवर और फ्रंट पैसेंजर दोनों का लेवल 5 रेटिंग हासिल हुई है। जबकि रियर पैसेंजर सीट की सुरक्षा लेवल 4 पर रही।
भारत में पहले ही मिल चुकी है 5-स्टार रेटिंग
यह ध्यान रखना जरूरी है कि जापान एनकैप और भारत के अपने क्रैश टेस्ट के नियम अलग-अलग होते हैं, इसलिए दोनों की सीधी तुलना नहीं की जा सकती। भारत में इस मेड-इन-इंडिया इलेक्ट्रिक एसयूवी को पहले ही भारत एनकैप के तहत शानदार 5-स्टार रेटिंग मिल चुकी है, जिसमें इसे एडल्ट और चाइल्ड सेफ्टी दोनों में बेहतरीन अंक मिले थे।