Masik Shivratri 2025: कलयुग में देवों के देव महादेव की सबसे ज्यादा पूजा अर्चना की जाती है.. इस बार मासिक शिवरात्रि 25 मई को पड़ रही है. हिन्दू पंचाग के मुताबिक इस दिन इस दिन देवों के देव महादेव और मां पार्वती की भक्ति भाव से पूजा की जाती है.. इस दिन लोग भगवान की शिव की आराधना के साथ व्रत भी रखते हैं. मान्या है कि व्रत करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है.. साथ ही साधक के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है..
मासिक शिवरात्रि पूजा विधि
वैदिक पंडित बताते हैं कि ज्योष्ठ माह की मासिक शिवरात्रि पर साधक को सुबर ब्रह्म बेला पर उठना चाहिए.. साथ ही स्नान करने के बाद शिव जी का ध्यान और प्रणाम कर दिन की शुरुआत करें.. इस समय आचमन कर व्रत संकल्प लें और सफेद रंग के कपड़े पहनें.. अब सूर्य देव को जल अर्पित करें.. इसके बाद पंचोपचार कर भक्ति भाव से देवों के देव महादेव और मां पार्वती की पूजा करें..
ध्यानम्
शान्तं पद्मासनस्थं शशिधरमुकुटं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रं
शूलं वज्रं च खड्गं परशुमभयदं दक्षभागे वहन्तम् ।
नागं पाशं च घण्टां प्रलयहुतवहं साङ्कुशं वामभागे
नानालङ्कारयुक्तं स्फटिकमणिनिभं पार्वतीशं नमामि ॥
स्तोत्र
ओं स्थिरः स्थाणुः प्रभुर्भीमः प्रवरो वरदो वरः ।
सर्वात्मा सर्वविख्यातः सर्वः सर्वकरो भवः ॥
जटी चर्मी शिखण्डी च सर्वाङ्गः सर्वभावनः ।
हरश्च हरिणाक्षश्च सर्वभूतहरः प्रभुः ॥
प्रवृत्तिश्च निवृत्तिश्च नियतः शाश्वतो ध्रुवः ।
श्मशानवासी भगवान् खचरो गोचरोऽर्दनः ॥
अभिवाद्यो महाकर्मा तपस्वी भूतभावनः ।
उन्मत्तवेषप्रच्छन्नः सर्वलोकप्रजापतिः ॥
महारूपो महाकायो वृषरूपो महायशाः ।
महात्मा सर्वभूतात्मा विश्वरूपो महाहनुः ॥
लोकपालोऽन्तर्हितात्मा प्रसादो हयगर्दभिः ।
पवित्रं च महांश्चैव नियमो नियमाश्रितः ॥
सर्वकर्मा स्वयम्भूत आदिरादिकरो निधिः ।
सहस्राक्षो विशालाक्षः सोमो नक्षत्रसाधकः ॥
चन्द्रः सूर्यः शनिः केतुर्ग्रहो ग्रहपतिर्वरः ।
अत्रिरत्र्या नमस्कर्ता मृगबाणार्पणोऽनघः ॥