Narsinghpur में मुख्यमंत्री कन्याविवाह योजना के तहत होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर प्रशासन ने इस बार सख्ती अपनाई है। 19 अप्रैल को होने वाले आयोजन के लिए करीब 400 आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन गहन जांच और सत्यापन के बाद केवल 200 पात्र जोड़ों का ही चयन किया गया है। इस प्रक्रिया से योजना में पारदर्शिता और पात्रता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
आवेदन ज्यादा, चयन सीमित
सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिए इस बार उम्मीद से कहीं अधिक आवेदन आए। लगभग 400 जोड़ों ने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया, लेकिन लक्ष्य केवल 200 जोड़ों का तय किया गया था। ऐसे में प्रशासन को चयन प्रक्रिया को सख्त बनाना पड़ा।
दस्तावेजों की कड़ी जांच
आवेदनों की जांच के दौरान कई कमियां सामने आईं। कई आवेदकों की ई-केवाईसी अधूरी थी, बीपीएल सत्यापन नहीं हुआ था या समग्र आईडी में त्रुटियां पाई गईं। ऐसे सभी आवेदनों को निरस्त कर दिया गया और उन्हें सुधार के बाद अगले सम्मेलन में शामिल होने की सलाह दी गई।
योजना के प्रति बढ़ती जागरूकता
महंगे वैवाहिक खर्च से बचने और सरकारी सहायता का लाभ लेने के लिए लोगों में इस योजना के प्रति रुचि बढ़ रही है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग सामूहिक विवाह सम्मेलन के लिए आवेदन कर रहे हैं।
दोबारा होगा सत्यापन
चयनित 200 जोड़ों की सूची अब नगरीय निकायों और जनपद पंचायतों को भेजी गई है। यहां एक बार फिर से सत्यापन किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी पात्रता शर्तें पूरी हो रही हैं और किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
विधि-विधान से होंगे विवाह
सम्मेलन में विवाह की सभी रस्में पारंपरिक तरीके से पूरी कराई जाएंगी। इसके लिए पंडितों की व्यवस्था और आवश्यक सामग्री जुटाई जा रही है। साथ ही नवविवाहित जोड़ों को शासन की ओर से आर्थिक सहायता और उपहार भी दिए जाएंगे।