हॉन्ग कॉन्ग (Hong Kong) में 26 नवंबर को ताई पो (Tai Po) जिले में वांग फुक कोर्ट (Wang Fuk Court) के करीब 2 हजार फ्लैटों वाले आवासीय परिसर में भीषण आग लग गई थी, जिससे हड़कंप मच गया। 8 में से 7 इमारतें इस भीषण आग की वजह से पूरी तरह से जलकर खाक हो गईं। यह हॉन्ग कॉन्ग के इतिहास का सबसे बड़ा फायर एक्सिडेंट बताया गया
मरने वाला का आंकड़ा पहुंचा 159
हॉन्ग कॉन्ग की इमारतों में लगी भयानक आग से मरने वालों का आंकड़ा 159 हो गया है। मृतकों में नवजात शिशु से 97 साल के बुजुर्ग भी शामिल था। इस हादसे में पहले 44 लोगों की मौत की खबर बताई गई थी। इसके बाद यह आंकड़ा बढ़कर 55 हो चुका है। इस हादसे में 94 लोगों के मरने की बात कही गई है। मृतकों की संख्या 128 तक पहुंच चुकी है। यहां पर स्थानीय अधिकारियों ने 159 लोगों के मरने की पुष्टि की है। इस हादसे के बाद अब हॉन्ग कॉन्ग में सभी इमारतों से मचान को हटाने की बात हो रही है।
79 लोग घायल
हॉन्ग कॉन्ग में लगी इस भीषण आग के कारण अब तक 79 लोग घायल हुए हैं। घायलों में कई लोगों को अस्पताल से छुट्टी दी गई है। कुछ लोगों को अभी इलाज करवा रहे हैंै।
कई लोग लापता
इस हादसे के बाद से कई लोगों के लापता होने की बात कही गई है। लापता लोगों की संख्या 31 बताई गई है। सर्च एंड रेस्क्यू टीम उन्हें ढूंढने की कोशिश कर रही हैं।
हज़ारों लोग बेघर
हॉन्ग कॉन्ग में लगी भीषण आग के कारण हज़ारों लोगों के घर जलकर के खाक हो गए। ऐसे में ये लोग बेघर हो चुके हैं।
मामले की जांच हो रही
हॉन्ग कॉन्ग की इमारतों में आग लगने के मामले की जांच में अब तक 15 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनसे पूछताछ जारी है।