उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में सोमवार की रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र के किदवई नगर में एक मकान में लगी भीषण आग में एक ही परिवार के छह लोगों की जान चली गई। मृतकों में पांच मासूम बच्चे और एक महिला शामिल हैं। घटना के बाद से क्षेत्र में मातम का माहौल है। गली शंकरी होने के चलते बामुश्किल फायर ब्रिगेड व अन्य प्रसाशनिक अमला मौके पहुंचा, लेकिन जब तक बहुत देर हो चुकी थी...क्षेत्र में हर तरफ घटना का चर्चा है..रेस्क्यू जारी है.
शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने लिया विकराल रूप
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, किदवई नगर निवासी इकबाल के घर में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से आग भड़क उठी। देखते ही देखते लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। बताया गया कि मकान में कपड़ों का काम होता था, जिसके कारण ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी और आग तेजी से फैल गई। आग निचली मंजिल से शुरू होकर ऊपरी हिस्से तक पहुंच गई।
घनी आबादी वाला इलाका
इलाका घनी आबादी वाला है और गलियां संकरी हैं, जिससे राहत कार्य में दिक्कतें आईं। स्थानीय लोगों और बचाव दल ने छत के रास्ते घायलों को बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल भिजवाया, लेकिन गंभीर रूप से झुलसने के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मासूम बच्चों की मौत से गूंज उठा इलाका
इस हादसे में जिन पांच बच्चों की मौत हुई, उनमें छह माह से भी कम उम्र के जुड़वां शिशु भी शामिल थे। बच्चों की मौत की खबर से पूरे क्षेत्र में हाहाकार मच गया। दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह और फायर ब्रिगेड कर्मियों ने राहत एवं बचाव कार्य का नेतृत्व किया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी हालत अत्यंत गंभीर थी।
प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे अस्पताल
घटना की सूचना मिलते ही डीएम डॉ. वीके सिंह, एसपी अविनाश पांडेय, विधायक रफीक अंसारी तथा गुलाम मोहम्मद अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। बताया गया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।