नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने अवैध कमेटी स्कीम के नाम पर करीब दो करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में चंदरदीप चमोली उर्फ मास्टरजी और उसकी पत्नी सरिता चमोली को गिरफ्तार किया है। दंपती पर 48 निवेशकों से मोटी रकम लेकर फरार होने का आरोप है।
इस संबंध में 16 अक्टूबर 2025 को थाना ईओडब्ल्यू, मंदिर मार्ग में एफआईआर संख्या 133/25 भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 316(2), 318(4), 61(2) व 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता कुलदीप सिंह समेत 47 अन्य लोगों ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने इंदरपुरी मेन मार्केट स्थित एक कार्यालय से कमेटी चलाकर निवेशकों को ऊंचे और सुनिश्चित मुनाफे का लालच दिया।
डीसीपी अमित वर्मा ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वर्ष 2013-14 से कमेटी का संचालन शुरू किया और 52 से अधिक कमेटियां चलाईं। शुरुआती दौर में कुछ लोगों को समय पर भुगतान कर विश्वास कायम किया गया, जिससे अन्य लोगों ने भी बड़ी रकम निवेश कर दी। इसके बाद करीब दो करोड़ रुपये इकट्ठा कर आरोपियों ने भुगतान बंद कर दिया, कार्यालय बंद कर दिया और परिवार सहित फरार हो गए।
डीसीपी अमित वर्मा के मुताबिक चंदरदीप ट्यूशन पढ़ाने का काम करता था। वह दासघरा, इंदरपुरी, पूसा और टोडापुर इलाके में पढ़ाते हुए स्थानीय लोगों का विश्वास जीतता था और फिर उन्हें अपनी कमेटी स्कीम में निवेश के लिए प्रेरित करता था। बाद में उसने और उसकी पत्नी ने निवेशकों की रकम हड़प ली। फरार होने से पहले आरोपियों ने कमेटी से जुड़े रजिस्टर नष्ट कर दिए और मोबाइल फोन व सिम कार्ड भी तोड़ दिए, ताकि साक्ष्य मिटाए जा सकें।
ईओडब्ल्यू की टीम ने तकनीकी निगरानी और लगातार छापेमारी के बाद 2 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित शौकत अली रोड से चंदरदीप को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद 12 फरवरी 2026 को सरिता चमोली को भी मंदिर मार्ग स्थित ईओडब्ल्यू कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों का पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। मामले की आगे की जांच जारी है और निवेशकों की रकम की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।