मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भाऊ खेड़ी गांव में मटका कुल्फी खाने से करीब 40 बच्चे बीमार पड़ गए। एक मुंडन कार्यक्रम के दौरान कुल्फी खाने के कुछ देर बाद ही बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई। आनन-फानन में बच्चों को आष्टा और जावर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। फिलहाल सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने कुल्फी के सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है। गांव में डर और नाराजगी का माहौल है।
मुंडन कार्यक्रम में खाई कुल्फी बनी बीमारी की वजह
भाऊ खेड़ी गांव में एक मुंडन कार्यक्रम के दौरान बाहर से आए कुल्फी विक्रेता से बच्चों ने मटका कुल्फी खरीदी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन थोड़ी ही देर में बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त होने लगे। करीब 40 बच्चे एक साथ बीमार पड़ गए जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
अस्पताल में भर्ती, हालत अब स्थिर
बच्चों को तुरंत आष्टा और जावर सिविल अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि सभी बच्चों को इलाज दिया गया है और अब उनकी हालत खतरे से बाहर है। हालांकि कुछ बच्चों को निगरानी में रखा गया है। परिजन अब थोड़ी राहत में हैं लेकिन घटना से अभी भी सहमे हुए हैं।
कुल्फी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए
स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कुल्फी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह फूड पॉइज़निंग का मामला हो सकता है, लेकिन पूरी स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
गांव में फैला डर, पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कुल्फी ही बीमारी का कारण है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष रिपोर्ट के बाद ही निकलेगा। गांव के लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि बाहरी खाद्य विक्रेताओं पर निगरानी रखी जाए।
लापरवाह विक्रेताओं पर लगे रोक
ग्रामीणों का आरोप है कि ऐसे बाहरी विक्रेता बिना जांच के गांवों में खाद्य सामग्री बेचते हैं। मटका कुल्फी के मामले के बाद लोगों की मांग है कि प्रशासन कड़ी कार्रवाई करे और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम बनाए।
Matka Kulfi Food Poisoning
Sehore Children Sick
Summer Sweets Danger
Bhaukhedi Incident
Contaminated Kulfi