मध्य प्रदेश के नवगठित मऊगंज जिले में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। भाजपा विधायक प्रदीप पटेल ने आरोप लगाया है कि उग्र भीड़ ने उन्हें जान से मारने की नीयत से घेर लिया और डीजल डालकर जलाने की धमकी दी। मामले ने तूल पकड़ लिया है और पुलिस ने 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जमीन विवाद से शुरू हुआ पूरा मामला
यह पूरा विवाद मऊगंज बायपास के किनारे स्थित एक जमीन को लेकर है। बताया जा रहा है कि इस जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। इसी विवाद के विरोध में भाजपा विधायक प्रदीप पटेल ने दो दिन पहले धरना दिया था। धरना समाप्त होने के बाद हालात अचानक बिगड़ गए और रात के समय इलाके में तनाव फैल गया।
उग्र भीड़ ने विधायक को घेरा, हुई झूमाझटकी
धरने के बाद रात में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। आरोप है कि उग्र भीड़ ने विधायक का रास्ता रोक लिया, उनके साथ धक्का-मुक्की की और गाली-गलौज शुरू कर दी। हालात इतने बिगड़ गए कि विधायक की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने किसी तरह हालात संभाले और विधायक को सुरक्षित बाहर निकाला।
डीजल डालकर जलाने की धमकी का आरोप
विधायक प्रदीप पटेल ने मऊगंज थाने में दर्ज शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि भीड़ में शामिल कुछ लोग डीजल लाने की बात कर रहे थे और खुलेआम जान से मारने की धमकी दे रहे थे। विधायक ने इसे सुनियोजित साजिश बताया है और अपनी जान को गंभीर खतरा बताया।
100 से 150 अज्ञात लोगों पर दर्ज हुआ केस
विधायक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने घटना स्थल और आसपास के इलाकों से वीडियो फुटेज जब्त कर लिए हैं। इन्हीं फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
बाहर से लोगों को बुलाने की आशंका
पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना के लिए बाहर से लोगों को बुलाया गया था। अधिकारियों का मानना है कि भीड़ का अचानक बड़ी संख्या में इकट्ठा होना संदेह पैदा करता है। जांच के दौरान कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का बयान, जांच जारी
मऊगंज की एसडीओपी सची पाठक ने बताया कि बायपास के पास स्थित विवादित जमीन को लेकर यह घटना हुई। उन्होंने कहा कि विधायक के साथ अभद्रता और रास्ता रोकने की पुष्टि हुई है। शिकायत मिलने के बाद केस दर्ज कर लिया गया है और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है।