मई और जून 2025 में ग्रहों की चाल सिर्फ आकाश में नहीं, बल्कि ज़मीन पर भी बड़े बदलावों की आहट दे रही है। राजनीति, अर्थव्यवस्था, मौसम और सामाजिक परिवेश—हर क्षेत्र पर इन खगोलीय घटनाओं का गहरा प्रभाव पड़ सकता है। पं. विनोद गौतम, ज्योतिष मठ संस्थान, भोपाल के प्रमुख ज्योतिषाचार्य, ने इस बार की ग्रह-यात्रा को 'दोधारी तलवार' करार दिया है—जहां कुछ योग भारत के लिए सुनहरे अवसर लाएंगे, वहीं कुछ स्थितियां सावधानी की माँग कर रही हैं।
25 मई से शुरू होगा 'नौतपा' का ताप... लेकिन बारिश की भी उम्मीद!
सूर्य 25 मई को रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा और 2 जून तक वहीं रहेगा। इस काल को 'नौतपा' कहा जाता है—जब सूर्य पृथ्वी पर सीधी किरणें डालता है। लेकिन इस बार खास बात यह है कि ग्रहों की अनोखी युति के कारण इस भीषण गर्मी के दौरान बारिश की संभावना भी जताई जा रही है। यानी गर्मी के बीच राहत की बौछार
30 मई: सूर्य-बुध की युति और शुक्र का 'राशि जंप'—कला, व्यापार और रिश्तों में हलचल तय!
30 मई को दो अहम घटनाएं होंगी—सूर्य और बुध की युति, जो संचार और प्रशासनिक निर्णयों में तेज़ी ला सकती है। वहीं, शुक्र का मीन से मेष में प्रवेश कला, सौंदर्य, फिल्म, फैशन और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देगा। इस दिन का असर युवाओं, उद्यमियों और रचनात्मक पेशेवरों पर साफ़ देखा जा सकेगा।
6 जून: मंगल का सिंह में प्रवेश—'अंगारक योग' से बढ़ सकती है राजनैतिक गर्मी
6 जून को मंगल सिंह राशि में प्रवेश करेगा और अंगारक योग का निर्माण करेगा। यह योग खासतौर पर सेना, प्रशासन और राजनीति के क्षेत्र में टकराव और आक्रोश बढ़ा सकता है। देश के भीतर या सीमाओं पर भी सक्रिय हलचलें देखने को मिल सकती हैं।
24 जून: चतुर्ग्रही संयोग से बाजार में हलचल, महंगाई का खतरा
24 जून को सूर्य, चंद्रमा, बुध और गुरु मिथुन राशि में एक साथ आएंगे—इसे चतुर्ग्रही योग कहते हैं। यह योग अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है—बाजार में अस्थिरता, कीमतों में उछाल, और व्यापारियों में चिंता जैसे संकेत मिल रहे हैं।
राहु-मंगल का षड़ाष्टक योग: राजनैतिक और धार्मिक टकराव की चेतावनी!
जून में राहु और मंगल का षड़ाष्टक योग बन रहा है, जो राजनैतिक और धार्मिक असंतुलन को जन्म दे सकता है। इसके साथ ही गुरु के अतिचारी होने से वैचारिक टकराव और असहिष्णुता की स्थिति बन सकती है। लेकिन राहत की बात यह है कि शनि न्यायप्रिय धर्म राशि में है, जो भारत के लिए स्थायित्व और संतुलन की संभावना बनाए रखेगा।
जून में फिर से मीन राशि में चार ग्रहों का जमावड़ा—संभावित संकट का संकेत!
जून के अंत में एक बार फिर चार ग्रह मीन राशि में एकत्र होंगे। शास्त्रों के अनुसार, यह संभावित राष्ट्रीय संकट या चुनौती का सूचक बन सकता है। ऐसे में सरकार और जनता—दोनों को सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है।