योगी अब ऐसा ब्रांड बन गया है जिसके बारे में किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी, चाहे UP हो या देश का कोई भी कोना हो हर जगह योगी मॉडल की गूंज सुनाई देती है, कानून व्यवस्था से लेकर बुलडोजर मॉडल ने तो लोगों के दिलों में ऐसी जगह बनाई है कि विश्वभर में योगी के कामों की गूंज सुनाई देती है, यही कारण है कि अब बड़े-बड़े इंवेस्टर भी यूपी में हजारों करोड़ का निवेश कर रहे हैं, लेकिन इस बीच योगी ने ऐसा फैसला लिया है जिसके बाद 2027 में योगी की जीत पक्की हो गई है जिसने विपक्ष की हालत खस्ता कर दी है.
20 हजार करोड़ से बनेगा सड़कों का मायाजाल!
दरअसल खबर है कि अब योगी सरकार अब सड़कों का मायाजाल बिछाकर अब एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, UPEIDA ने अब नौ नए एक्सप्रेसवे के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसकी लंबाई करीब 2063 किलोमीटर होगी, जिसकी लागत करीब 20 हजार करोड़ रुपये हैं, इन एक्सप्रेस वे से न सिर्फ UP के विकास को रफ्तार मिलेगी बल्कि देश की GDP से लेकर हर गरीब वर्ग के लोगों को इसका लाभ मिलेगा, क्योंकि अगर एक्सप्रेस वे बनेंगे तो बड़ी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां यूपी में आएंगी जिससे नौजवानों को रोजगार मिलेगा और बेरोजगारी दर भी कम होंगी. इसके साथ ही UP की GDP पर भी इसका असर होगा.
2027 तक परियोजनाओं को पूरा करना लक्ष्य
खबरों की मानें तो इस वक्त सूबे में आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, यमुना, गंगा, बुंदेलखंड और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे संचालित हैं. जबकि 6 अन्य परियोजनाएं, जैसे बलिया लिंक और कानपुर रिंग रोड, निर्माणाधीन हैं. नए प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण और डीपीआर का काम शुरू हो चुका है. सरकार का लक्ष्य 2027 तक इन परियोजनाओं को शुरू करना है. ये वो टारगेट है जो विपक्ष के अरमानों पर पानी फेर सकता है क्योंकि योगी ने जो वादा किया था उसे पूरा करने में उन्होंने पूरी ताकत झोंक दी है, साफ तौर पर योगीका भी ये कहना है कि उत्तर प्रदेश सड़क संपर्क के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनेगा. ये एक्सप्रेसवे न केवल समय बचाएंगे, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे.