Hijab controversy: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े हिजाब विवाद पर बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने कड़ा लेकिन संतुलित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने की कोशिश से जुड़ा मामला संवेदनशील है और इसे शुरुआती स्तर पर ही सुलझा लिया जाना चाहिए था। मायावती के मुताबिक यह घटना महिला सम्मान और सुरक्षा से जुड़ी है, इसलिए मुख्यमंत्री को आगे आकर इस पर पश्चाताप व्यक्त करना चाहिए, जिससे बढ़ते विवाद पर विराम लग सके। यह मामला उस वक्त सुर्खियों में आया जब कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
बढ़ती बयानबाजी पर चिंता
मायावती ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि यह विवाद समय रहते सुलझने के बजाय लगातार तूल पकड़ता जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि खासकर मंत्रियों और अन्य नेताओं की बयानबाजी ने आग में घी डालने का काम किया है। उनका कहना है कि जब मामला पहली नजर में ही महिला सम्मान से जुड़ा दिखता है, तो प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर संवेदनशीलता दिखाते हुए इसे शांत किया जाना चाहिए था। मायावती ने जोर दिया कि ऐसे मुद्दों पर संयम और जिम्मेदारी बेहद जरूरी होती है।
माफी से थम सकता है विवाद
बसपा प्रमुख ने सलाह दी कि मुख्यमंत्री को इस पूरे घटनाक्रम को सही संदर्भ में देखते हुए इसके लिए पश्चाताप कर लेना चाहिए। उनके अनुसार, ऐसा करने से कड़वाहट बढ़ाने के बजाय विवाद को यहीं खत्म किया जा सकता है। वहीं, संबंधित महिला डॉक्टर के परिवार ने भी कहा है कि उन्हें मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई व्यक्तिगत नाराजगी नहीं है और मामले को जरूरत से ज्यादा तूल दिया जा रहा है। डॉक्टर नुसरत परवीन के परिवार का कहना है कि वह 20 दिसंबर को अपनी ड्यूटी जॉइन करेंगी। राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह मामला अब संवेदनशीलता, महिला सम्मान और सार्वजनिक आचरण की बहस का केंद्र बन गया है।