लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार के परिवार को लेकर बड़ा फैसला किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आकाश आनंद और उनकी बहन दीपिका आनंद को पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी, जबकि परिवार से ईशान आनंद को सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाया जाएगा।
मायावती ने कहा कि आनंद कुमार के आग्रह पर आकाश आनंद को राजनीति में आगे किया गया था, लेकिन शादी के बाद उनके रवैये और गतिविधियों के कारण उन्हें पार्टी से अलग करना पड़ा। मायावती ने आरोप लगाया कि आकाश अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में आ गए हैं और अब उन्हें वापस लेना पार्टी के साथ विश्वासघात होगा। उन्होंने कहा कि दीपिका को भी भविष्य में आकाश जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका के चलते कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
मायावती ने कहा कि यदि ईशान आनंद ने भी पार्टी विरोधी गंभीर गतिविधि की तो उन्हें भी बाहर कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में परिवार के किसी अन्य सदस्य को आगे बढ़ाने के बजाय समर्पित दलित कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने कांशीराम की विचारधारा और डॉ. भीमराव आंबेडकर के 23 फरवरी 1956 के पत्र का हवाला देते हुए संगठन हित को पारिवारिक संबंधों से ऊपर रखने की बात कही।
उन्होंने 23 सितंबर को बसपा की अखिल भारतीय बैठक बुलाने की भी जानकारी दी है, जिसमें संगठन और जरूरी राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होगी।