Delhi Unauthorised Colonies: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए दिल्ली नगर निगम बड़ा तोहफा लेकर आया है। मकान या संपत्ति का मालिकाना हक और उसे कानूनी रजिस्टर कराने के लिए अब लोगों को भारी-भरकम फीस नहीं देनी होगी। एमसीडी की स्थायी समिति ने पीएम उदय योजना के तहत लगने वाले रेगुलराइजेशन टैक्स पर 75 प्रतिशत तक की भारी छूट देने का फैसला किया है। यह विशेष छूट 31 अक्टूबर 2026 तक आवेदन करने वाले निवासियों को ही मिलेगी।
लोगों तक पहुंचाई जा रही जानकारी
इस योजना की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए दिल्ली सरकार और एमसीडी की ओर से विशेष शिविरों, एसएमएस और व्यापक प्रचार अभियानों का सहारा लिया जा रहा है।
44 लाख से ज्यादा लोगों को सीधा फायदा
दिल्ली की 1511 अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लगभग 44.75 लाख लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा। अब तक लगभग 40,000 संपत्तियों के लिए कन्वेंस डीड या अथराइजेशन स्लिप जारी की जा चुकी हैं।
कई पुराने टैक्स खत्म
MCD ने 20 अगस्त 2026 से कई भारी-भरकम टैक्स पूरी तरह खत्म कर दिए हैं। अब आपको परमिट फीस, बेटरमेंट चार्ज, प्लिंथ फीस, लेबर सेस और बिना इजाजत निर्माण पर लगने वाली पेनाल्टी जैसी फीस नहीं देनी होगी।
अब देने होंगे सिर्फ 4 चार्ज
अब एमसीडी सिर्फ 4 तरह के शुल्क ही लेगी। इस पर भी 75% की अतिरिक्त छूट दी जाएगी।
1. कंपनसेटरी रेगुलेटरी चार्ज
2. सी एंड डी चार्ज
3. डेवलपमेंट चार्ज
4. एडमिन व आईटी चार्ज
तुरंत मिलेगा रेगुलराइजेशन सर्टिफिकेट
प्रक्रिया को आसाना बनाने के लिए स्वमूल्यांकन प्रणाली शुरू की गई है। नागरिक एमसीडी के सूचीबद्ध पैनल में शामिल इंजीनियर/प्रोफेशनल से जांच कराकर तुरंत सर्टिफिकेट पा सकते हैं।
यह भी पढ़ें: उज्जैन में शाही मस्जिद को लेकर फिर बवाल, प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े
31 अक्टूबर तक मौका
एमसीडी की ओर से जारी सूचना के अनुसार 75 फीसदी छूट का लाभ उन्हीं लोगों को मिलेगा जो 31 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। अगर सरकार योजना की तारीख आगे बढ़ाती है, तो छूट भी आगे जारी रहेगी। लेकिन अधिकारियों ने सलाह दी है कि अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द आवेदन करें, ताकि भविष्य में मकान बेचने, खरीदने या लोन लेने में कोई कानूनी दिक्कत न आए।