नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का निरीक्षण करने पहुंचे। जेवर एयरपोर्ट का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है। अगले महीने इसके उद्घाटन की तैयारियां की जा रही हैं। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री एयरपोर्ट के कामकाज की समीक्षा करने पहुंचे औऱ करीब एक घंटे एयरपोर्ट पर रुके। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. नायडू भी मौजूद रहे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण करने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सेक्टर-50 पहुंचे और मेदांता अस्पताल का रिबन काटकर उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मेदांता अस्पताल एक ब्रांड है, जहां मरीजों को नई तकनीक से हर संभव इलाज उपलब्ध कराया जाता है।
सीएम योगी ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में प्रदेश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान पहले "वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया" से होती थी, लेकिन अब यह "वन डिस्ट्रिक्ट वन अस्पताल" से हो रही है। हर जनपद में अस्पताल खोले गए हैं, हाउसिंग और हॉस्पिटल से जुड़े नियमों को सरल बनाया गया है और बेहतर कनेक्टिविटी दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत और जन आरोग्य योजना से जोड़ा गया है।
उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. नायडू, जेवर विधायक, विधायक पंकज सिंह, प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह और मेदांता ग्रुप के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहान मौजूद रहे। सीएम योगी ने गौतमबुद्ध नगर में अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे तक बैठक भी की। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने रूट डायवर्ट किया और लगभग 1200 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
मुख्यमंत्री ने वाराणसी और गोरखपुर में भी मेदांता अस्पताल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गोरखपुर और वाराणसी न केवल पूर्वी उत्तर प्रदेश बल्कि बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और नेपाल की बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हैं। ऐसे में यहां आधुनिक अस्पतालों की जरूरत है।
सीएम योगी ने कोविड काल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय वर्चुअल ICU और टेली कंसल्टेशन से खर्चों को नियंत्रित किया गया था। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी का प्रयोग करके हम स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बना सकते हैं।
गोरखपुर और देवीपाटन मंडल में इंसेफेलाइटिस से हर साल हजारों बच्चों की मौत होती थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 में टीम बनाकर काम शुरू किया गया और केवल दो वर्षों में इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतें पूरी तरह समाप्त हो गईं। उन्होंने कहा कि यह डॉक्टरों और बेहतर सुविधाओं की वजह से संभव हुआ।
सीएम योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं में तरक्की कर रहा है। मेदांता ने हर जनपद में अस्पताल खोले हैं और मरीजों को पॉलिसी के दायरे में लाकर सुरक्षित इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूपी की पहचान अब स्वास्थ्य सेवाओं से है और प्रदेश में 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत और जन सुविधा केंद्रों से जोड़ा जा रहा है।