लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी। इस हादसे में 15 छात्रों की मौत के बाद अब जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। आग लगने की वजह के साथ-साथ भवन की स्वीकृतियों, सुरक्षा इंतजाम और मालिकों से जुड़े पुराने मामलों की भी जांच शुरू हो चुकी है। इसी बीच भवन के सह-स्वामी का पुराना रिकॉर्ड एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
हादसे के बाद जांच का दायरा हुआ बड़ा
अलीगंज अग्निकांड के बाद जांच एजेंसियां हर पहलू को बारीकी से खंगाल रही हैं। शुरुआती स्तर पर आग लगने के कारणों पर ध्यान दिया गया, लेकिन अब भवन के निर्माण से लेकर उसकी उपयोग स्थिति तक कई बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ रही है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसी घटनाओं के पीछे कई स्तरों पर लापरवाही सामने आ सकती है।
पुराने विवादों ने फिर खींचा ध्यान
भवन के सह-स्वामी सुरेंद्र शुक्ल का नाम पहले भी एक चर्चित मेडिकल प्रवेश परीक्षा विवाद में सामने आ चुका था। उस समय उन पर गंभीर आरोप लगे थे, हालांकि बाद की जांच में पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण उन्हें राहत मिली थी। कानूनी रूप से मामला उनके खिलाफ साबित नहीं हुआ, लेकिन हादसे के बाद पुरानी चर्चाएं फिर सामने आने लगी हैं।
भवन रिकॉर्ड की हो रही जांच
मामले में भवन से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं। रिकॉर्ड के अनुसार भवन के निर्माण और स्वीकृतियों को लेकर पहले भी विवाद सामने आए थे। अब यह पता लगाया जा रहा है कि भवन का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार किया जा रहा था या नहीं।
अधिकारियों पर भी शुरू हुई कार्रवाई
हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कुछ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और संकेत दिए गए हैं कि जांच रिपोर्ट के बाद अन्य जिम्मेदार लोगों पर भी कदम उठाए जा सकते हैं। सरकार ने साफ किया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
सात दिन की रिपोर्ट पर सबकी नजर
अब पूरे मामले में आगे की दिशा जांच रिपोर्ट तय करेगी। मृतकों के परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन सभी पहलुओं की जांच में जुटा हुआ है। रिपोर्ट सामने आने के बाद इस दर्दनाक घटना से जुड़े कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं।