कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने का मामला अब प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। कांग्रेस ने इस फैसले के खिलाफ सड़क से लेकर अदालत तक संघर्ष का ऐलान कर दिया है। पार्टी अगले तीन दिनों तक प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी, जबकि दूसरी ओर कानूनी विकल्पों पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।
15 से 17 जून तक चलेगा चरणबद्ध आंदोलन
कांग्रेस ने नामांकन निरस्त होने के विरोध में तीन दिवसीय आंदोलन की रणनीति तैयार की है। पार्टी के विभिन्न संगठन अलग-अलग दिन सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएंगे। इसके जरिए कांग्रेस इस मुद्दे को जन आंदोलन का रूप देने की तैयारी में है।
यूथ कांग्रेस और छात्र संगठन संभालेंगे मोर्चा
15 जून को यूथ कांग्रेस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत करेगी। इसके बाद 16 जून को छात्र संगठन एनएसयूआई प्रदेशभर में प्रदर्शन कर अपना विरोध जताएगा। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े इस मुद्दे को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।
महिला कांग्रेस भी उतरेगी मैदान में
17 जून को महिला कांग्रेस प्रदेशभर में प्रदर्शन करेगी। महिला कार्यकर्ता इस कार्रवाई के खिलाफ धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराएंगी। पार्टी इस मुद्दे को लगातार जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।
दिल्ली में कानूनी रणनीति पर मंथन
मामले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व लगातार कानूनी पहलुओं पर विचार कर रहा है। मीनाक्षी नटराजन भी शीर्ष नेताओं और कानूनी विशेषज्ञों के साथ लगातार बैठकें कर रही हैं। पार्टी इस विवाद को केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि संवैधानिक और कानूनी लड़ाई के रूप में भी देख रही है।
हाईकोर्ट में चुनाव याचिका की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस जल्द ही हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर कर सकती है। इस याचिका में संबंधित सीट से निर्वाचित उम्मीदवारों को भी पक्षकार बनाया जा सकता है। ऐसे में यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।