
हाल ही में मेरठ के कुछ ग्रामीण इलाकों में रात के समय ड्रोन देखे जाने की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं. लोग डर और भ्रम की स्थिति में हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि यह कुछ शरारती लोगों की चाल है, जो समाज में भय और असुरक्षा का माहौल बनाना चाहते हैं. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए एसएसपी मेरठ ने सभी थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वो इस मुद्दे पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई करें.
पुलिस की तैयारी
इसको लेकर हर थाने पर गांव के प्रधानों, जनप्रतिनिधियों और सम्मानित नागरिकों के साथ गोष्ठियां (बैठकें) की जा रही हैं, जिनमें ड्रोन से जुड़ी अफवाहों और उसके पीछे की शरारतों पर चर्चा हो रही है. इसके अलावा हर थाने की पुलिस रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक टोली बनाकर गांवों में लगातार गश्त कर रही है. खुद वरिष्ठ अधिकारी भी क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं.
जिनके पास निजी ड्रोन हैं, उनका पूरा विवरण लिया जा रहा है और ‘ड्रोन रजिस्टर’ तैयार किया जा रहा है. इसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर, ड्रोन की संख्या और उसकी तकनीकी जानकारी दर्ज की जा रही है. साथ ही गांवों में जिनके पास हथियार हैं या जो ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्य हैं, उनसे मिलकर उन्हें अफवाहों के बारे में बताया जा रहा है.
नागरिकों से अपील की गई है कि ड्रोन या चोर देखने की झूठी खबरें न फैलाएं. सोशल मीडिया पर कोई झूठी फोटो, वीडियो या रील शेयर न करें. अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस को सूचना दें, खुद कार्रवाई न करें और अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति पकड़ा जाता है, तो उससे मारपीट न करें और पुलिस को बिना छेड़छाड़ सूचना दें.
पुलिस प्रशासन की पूरी कोशिश है कि गांवों में शांति बनी रहे और कोई अफवाह या डर का माहौल न फैले. आम लोगों से सहयोग की अपील की गई है ताकि मिलकर असामाजिक तत्वों को रोका जा सके.
पूरे मामले पर SSP ने क्या कहा?
इस मामले में मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) का कहना है कि "गांवों में उड़ते ड्रोन को लेकर जो अफवाहें फैलाई जा रही हैं, वह कुछ शरारती तत्वों की हरकत है. इसका मकसद लोगों में डर और भ्रम पैदा करना है. पुलिस ऐसे मामलों को बहुत गंभीरता से ले रही है और जो भी व्यक्ति अफवाह फैलाते हुए पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी."