
मेरठ जिले में मंगलवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब दो गुटों के बीच खुलेआम गोलियों की बरसात होने लगी. यह वारदात बहसूमा, मवाना और फलावदा थानों की सीमाओं से लगे रजबहे पुल के पास हुई. करीब एक घंटे तक दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ फायरिंग की. ग्रामीणों के अनुसार मौके पर 50 से अधिक गोलियां चलीं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दो बाइकों पर सवार युवक और एक कार में आए युवक आमने-सामने भिड़ गए. देखते ही देखते दोनों तरफ से गोलियां चलने लगीं. खेतों में काम कर रहे किसान जान बचाकर भाग खड़े हुए. इस दौरान कार सवार हमलावरों ने दोनों बाइकों को आग के हवाले कर दिया और फायरिंग करते हुए वहां से फरार हो गए.
मौके से बरामद हुए खोखे
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी की. पुलिस को घटनास्थल से करीब 10 खोखे मिले, जिनमें .315 बोर, .32 बोर और 12 बोर के कारतूस शामिल थे. इससे साफ है कि दोनों गुटों के पास कई तरह के हथियार मौजूद थे. पुलिस ने दोनों जली हुई बाइकें कब्जे में ले ली हैं और उनके नंबर और चेसिस नंबर के आधार पर हमलावरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है.
ये भी पढ़ें : संसद का मानसून सत्र: गृह मंत्री Amit Shah ने पेश किए तीन बड़े विधेयक, विपक्ष ने किया जम कर हंगामा
इलाके में वर्चस्व की जंग!
ग्रामीणों का कहना है कि यह फायरिंग दो गांवों के बदमाशों के बीच पुरानी रंजिश का नतीजा है. फलावदा थाना क्षेत्र और परीक्षितगढ़ इलाके के दो गुटों के बीच लंबे समय से वर्चस्व कायम करने को लेकर तनातनी चल रही है. आशंका जताई जा रही है कि मंगलवार की फायरिंग भी इसी वर्चस्व की लड़ाई का हिस्सा है.
पुलिस का सर्च अभियान
घटना की जानकारी मिलते ही सीओ मवाना संजय कुमार जायसवाल के नेतृत्व में तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने आसपास के जंगल और गांवों में सर्च अभियान चलाया, लेकिन आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला. पुलिस ने घटनास्थल से गुजरने वाले रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं ताकि हमलावरों की पहचान हो सके.
एसपी देहात का बयान
एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. बरामद बाइकों और सीसीटीवी कैमरों के जरिए हमलावरों की पहचान की जा रही है. उन्होंने कहा कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा और दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा. इस वारदात के बाद से पूरे इलाके में तनाव और डर का माहौल है. दिनदहाड़े एक घंटे तक चली फायरिंग ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.