मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान जिन रास्तों से कांवड़िए गुजरते हैं, वहां की कुछ मजारों और मस्जिदों को कपड़ों से ढका गया है. इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसके बाद इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. प्रशासन, पुलिस और धार्मिक संगठनों ने इस पर अनभिज्ञता जताई है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे आपसी सद्भाव की पहल के रूप में देखा जा रहा है. स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी हुई है.
क्या कहता है प्रशासन?
जिलाधिकारी डॉक्टर वी.के. सिंह ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि प्रशासन की तरफ से ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया है. उन्हें भी इस बारे में जानकारी फोटो और वीडियो के जरिए ही मिली है. उन्होंने इस पहल को आपसी सौहार्द बढ़ाने वाली बताया है.
कहां-कहां ढकी मिली मजारें?
कांवड़ियों की नजर जब इन मस्जिदों और मजारों पर पड़ी जो कपड़े से ढकी हुई थीं, तो कई लोगों ने फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिए. दिल्ली-देहरादून हाईवे, कांवड़ नहर पटरी मार्ग, दिल्ली रोड, हापुड़ रोड और गढ़ रोड के पास स्थित कई धार्मिक स्थलों को ढका गया है.
किसी बैठक में नहीं हुआ फैसला
शांति समिति की बैठक के बारे में जब पूछा गया तो सीओ दौराला प्रकाश चंद अग्रवाल ने बताया कि इस विषय में कोई चर्चा नहीं हुई थी और प्रशासन या पुलिस की ओर से ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया.
शहर काजी ने भी जताई अनभिज्ञता
शहर काजी डॉ. जैनुस सालिकीन ने कहा कि मस्जिद और मजारों को ढकने का कोई आदेश प्रशासन की ओर से नहीं आया है. उन्होंने कहा कि वो इस मामले में मजार और मस्जिद के उलेमा से बात करेंगे फिर इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी जाएगी. फिलहाल यह साफ नहीं है कि मस्जिद और मजारों को ढकने का फैसला किसने और क्यों लिया.