Meerut News : मेरठ के जागृति विहार में बुधवार की सुबह जब लोगों ने आंखें खोलीं, तो उन्हें अपने ही मोहल्ले में एक अजीब नज़ारा देखने को मिला, बीच सड़क पर एक कच्चा-पक्का मकान खड़ा था. रात भर इलाके में न कोई शोर हुआ, न किसी ने कोई गाड़ी आती-जाती देखी, लेकिन सुबह तक सड़क के बीचों-बीच एक पूरा ढांचा तैयार मिलना इलाके भर में चर्चा का विषय बन गया। जैसे ही ख़बर फैली, आसपास के मोहल्लों में भी लोग इसे देखने पहुँचने लगे. इसी दौरान ज़मीन के मालिकाना हक को लेकर दो पक्षों में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और मामला देखते-देखते विवाद का रूप ले बैठा.
विवाद की शुरुआत
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस जगह अचानक यह निर्माण किया गया, वह कई सालों से विवादित बताई जाती रही है. दावा किया जा रहा है कि एक पक्ष इसे अपनी निजी पैतृक ज़मीन बताता है, जबकि दूसरा पक्ष इसे सार्वजनिक मार्ग मानते हुए किसी भी निर्माण को गैरकानूनी कह रहा है. रातों-रात ढांचा खड़ा किए जाने के पीछे का मकसद क्या था, इस पर भी अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं, कुछ लोग इसे कब्जा करने की कोशिश बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे मौजूदा तनाव को और बढ़ाने वाली उकसाने की कार्रवाई मान रहे हैं. स्थानीय निवासी यह भी कहते हैं कि वर्षों से विवाद चल रहा था, लेकिन इस तरह का कदम पहली बार देखने को मिला है.
स्थानीय लोगों में आक्रोश
जागृति विहार के लोगों का कहना है कि सड़क पर अचानक निर्माण होने से आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है. सुबह ऑफिस जाने वालों को रास्ता बदलकर निकलना पड़ा, बच्चों के स्कूल बस रूट में भी बाधा आई और कई दुकानदारों ने अपने ग्राहकों के आने-जाने में परेशानी की शिकायत की. भीड़ बढ़ने के साथ ही माहौल तनावपूर्ण हो गया और वहाँ मौजूद लोगों ने प्रशासन को तुरंत कार्रवाई की मांग की। कई लोगों का मानना है कि यदि ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लगी, तो आगे चलकर और भी लोग अपनी मनमानी करने लगेंगे, जिससे पूरे इलाके की शांति भंग हो सकती है.
पुलिस की तैनाती और कार्रवाई
जैसे ही विवाद बढ़ने की सूचना मिली, पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए बैरिकेडिंग कर सड़क को पूरी तरह घेर लिया. दोनों पक्षों से बातचीत की कोशिश की गई ताकि पता लगाया जा सके कि रातों-रात यह निर्माण किसने और किस उद्देश्य से किया. फिलहाल पुलिस ने किसी भी तरह के तनाव को रोकने के लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है और निर्माण स्थल पर चौकसी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पहले दोनों पक्षों का पक्ष जाना जाएगा, फिर राजस्व विभाग की मदद से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यह भूमि निजी है या सार्वजनिक, उसके बाद ही किसी कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी.
आगे की कार्यवाही और माहौल
फिलहाल जागृति विहार के लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि सड़क पर खड़ा किया गया यह ढांचा कितने दिनों तक इसी तरह खड़ा रहेगा और उनका रोज़मर्रा का जीवन कब सामान्य होगा। स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होते ही उचित कार्रवाई की जाएगी, लेकिन तब तक पुलिस अलर्ट मोड पर बनी हुई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो. इलाके के बुजुर्गों का कहना है कि पहले कभी यहां ऐसा टकराव नहीं देखा गया, इसलिए उम्मीद है कि प्रशासन जल्द समाधान निकालकर इलाके को फिर से शांत वातावरण में लौटा देगा. इस बीच, सड़क पर बनी यह अचानक उभर आई संरचना न सिर्फ विवाद का केंद्र बन गई है, बल्कि पूरे शहर में चर्चा का मुद्दा भी.