
Meerut: शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट के कॉम्पलेक्स 661/6 के ध्वस्तीकरण के केस में सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए शासन, प्रशासन,आवास एवं विकास परिषद और व्यापारियों से 15 दिन के अंदर जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने कॉम्प्लेक्स के व्यापारियों से पुलिस लाइन सभागार में बैठक की। व्यापारियों ने खुद ही अवैध निर्माण हटा लेने के साथ 2025 नई आवास नीति के अंतर्गत राहत दिए जाने की भी मांग की।
सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दर्ज करने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की खंडपीठ में अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। खंडपीठ ने शासन, जिला प्रशासन, आवास विकास परिषद एवं व्यापारियों को नोटिस जारी कर 15 दिन में कार्रवाई का जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल मार्केट में आवासीय भूखंडों पर भू उपयोग परिवर्तन कर किए गए व्यावसायिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के आदेश दिए थे। संबंधित व्यापारियों को तीन माह में परिसर खाली करने का समय दिया था। इसके बाद 15 दिन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करनी थी, लेकिन अब तक नहीं की गई।
2025 नई आवास नीति के तहत मांग रखी
सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल होने के बाद जिला प्रशासन ने पुलिस लाइन सभागार में आवास एवं विकास अधिकारियों और संबंधित कॉम्पलेक्स संख्या 661/6 के व्यापारियों के साथ बैठक की। एडीएम सिटी ब्रजेश सिंह और एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने व्यापारियों से कहा कि प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करना है। व्यापारी व्यावसायिक गतिविधि बंद कर प्रशासन का सहयोग करें और अवैध निर्माण हटा लें। व्यापारी नेता किशोर वाधवा ने कहा कि व्यापारियों ने 2025 नई आवास नीति के तहत राहत पाने को आवास एवं विकास परिषद लखनऊ के प्लानिंग विभाग में आवेदन दिया है। शमन में जितना भी खर्चा आएगा, उसे व्यापारी वहन करने को तैयार हैं। शमन से इतर अवैध निर्माणों को व्यापारी स्वयं हटा लेंगे। आवास एवं विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार और अधिशासी अभियंता आफताब अहमद ने बताया कि व्यापारियों को परिसर खाली करने के नोटिस दिए जा चुके हैं। अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण का टेंडर हो चुका है। लेकिन व्यापारियों ने परिसर खाली नहीं किए हैं। बैठक में किशोर वाधवा, एडवोकेट अंजनेय सिंह, राजीव गुप्ता, रजत गोयल, दलजीत सिंह, डॉ. संजय गोयल, विपुल सिंघल, राजेंद्र बड़जात्या, हरेंद्र चौहान, राकेश मदान आदि कई व्यापारी मौजूद रहे।