
मेरठ शहर अब विकास की एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है. महायोजना-2031 के तहत शहर का स्वरूप पूरी तरह बदलने वाला है. इसी क्रम में रैपिड कॉरिडोर (दिल्ली रोड और रुड़की रोड) का जोनल प्लान तैयार कर लिया गया है. शुक्रवार को प्राधिकरण में एनसीआरटीसी (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) की ओर से इसकी विस्तृत प्रजेंटेशन दी गई. इस योजना के साथ मेरठ में प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप बनने का रास्ता भी साफ हो गया है. बता दें कि मेरठ की पहले की महायोजना 2021 करीब 500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली थी. अब नई महायोजना-2031 को बढ़ाकर 1043 वर्ग किलोमीटर तक कर दिया गया है. पूरे क्षेत्र को 24 जोन में बांटा गया है और हर जोन का अलग-अलग विकास प्लान तैयार किया जाएगा. रैपिड रेल कॉरिडोर के अंतर्गत आने वाले 9 जोन का प्लान पहले ही तैयार किया जा चुका है.
इंटीग्रेटेड टाउनशिप एक नया मॉडल
इस बार की योजना की सबसे बड़ी खासियत है इंटीग्रेटेड टाउनशिप. यह टाउनशिप दिल्ली रोड पर बनाई जाएगी और यह प्रदेश की अपनी तरह की पहली होगी. यहां नीचे दुकानों, शोरूम और दफ्तर होंगे, जबकि ऊपर की मंजिलों पर लोग रह सकेंगे. इसमें आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य से जुड़ी सभी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी. टाउनशिप में अस्पताल, हेल्थ क्लब, स्कूल, ग्रुप हाउसिंग, आईटी सेक्टर और यहां तक कि फ्लैटेड फैक्ट्रियां भी शामिल होंगी. इसमें हर वर्ग के लिए मकान और प्लॉट होंगे. चाहे उच्च आय वर्ग हो, मध्यम वर्ग या फिर निम्न और कमजोर आय वर्ग. इससे लोगों को रहने, काम करने और जरूरी सुविधाएं पाने के लिए अलग-अलग जगहों पर जाने की जरूरत नहीं होगी.
ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी भी होगी लागू
रैपिड रेल कॉरिडोर के आसपास विकास को सुनियोजित ढंग से बढ़ावा देने के लिए सरकार ने TOD पॉलिसी लागू की है. इस पॉलिसी के अनुसार रैपिड रेल कॉरिडोर के डेढ़ किलोमीटर की परिधि और स्टेशन से 500 मीटर दोनों ओर का क्षेत्र इसके दायरे में आएगा. इन क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. यानी एक ही क्षेत्र में दुकानें, दफ्तर और मकान बनाए जा सकेंगे. मेरठ में परतापुर और मोदीपुरम दो बड़े स्पेशल डेवलपमेंट एरिया बनाए जाएंगे.
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कितने जोन और कितने क्षेत्र का है प्लान?
एनसीआरटीसी ने रैपिड कॉरिडोर के तहत नौ जोन का जोनल प्लान तैयार किया है. इनमें से प्रमुख जोन इस प्रकार हैं-
जोन-1 : 179 हेक्टेयर
जोन-2 : 324 हेक्टेयर
जोन-3 : 397 हेक्टेयर
जोन-4 : 423 हेक्टेयर
जोन-5 : 344 हेक्टेयर
जोन-6 : 553 हेक्टेयर
जोन-7 : 222 हेक्टेयर
एसडीए मेरठ साउथ : 458 हेक्टेयर
एसडीए मोदीपुरम : 373 हेक्टेयर
इन जोनों में आवास, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक क्षेत्रों का विकास सुनियोजित ढंग से होगा.
प्रजेंटेशन में सुधार भी हुए
मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना के मुताबिक, शासन स्तर पर हाल ही में एनसीआरटीसी की ओर से यह जोनल प्लान प्रस्तुत किया गया था. उस समय चीफ टाउन एंड कंट्री प्लानर ने कुछ सुधार के निर्देश दिए थे. इन सुधारों को शामिल करने के बाद शुक्रवार को फिर से प्राधिकरण सभागार में संशोधित प्लान का प्रजेंटेशन हुआ.
मेरठ के लिए बड़ा कदम
रैपिड रेल कॉरिडोर केवल परिवहन का साधन ही नहीं, बल्कि मेरठ के शहरी विकास का आधार बनने जा रहा है. इसके आसपास बनने वाली इंटीग्रेटेड टाउनशिप और विशेष विकास क्षेत्रों से शहर में रोजगार, व्यापार और आधुनिक जीवनशैली को नया आयाम मिलेगा. कुल मिलाकर मेरठ अब सिर्फ रैपिड रेल का शहर नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में यह उत्तर प्रदेश का आधुनिक शहरी मॉडल बनकर उभरेगा.