
उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए चर्चित सौरभ हत्याकांड (जिसे ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ भी कहा जा रहा है) एक बार फिर सुर्खियों में है. सोमवार को अदालत में जब सौरभ की मां रेणू देवी ने गवाही दी, तो माहौल भावुक हो गया. उन्होंने साफ-साफ कहा कि मुस्कान रस्तोगी (सौरभ की पत्नी) और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने मिलकर उनके बेटे की हत्या की है. यह बात कहते हुए रेणू देवी की आंखों से आंसू बह निकले.
अदालत में क्या हुआ?
जिला जज संजय पांडे की कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है. सोमवार को रेणू देवी तीसरी गवाह के रूप में पेश हुईं. उन्होंने आरोपियों की पहचान की और कहा, “यही दोनों हैं जिन्होंने मेरे बेटे की जान ली.” बचाव पक्ष के वकीलों ने उनसे सवाल-जवाब किए, जिसे अब मंगलवार को आगे बढ़ाया जाएगा.
बता दें कि इस केस में कुल 36 गवाहों के बयान दर्ज किए जाने हैं. इससे पहले सौरभ के भाई बबलू और पुलिस विभाग के हेड मोहर्रिर बृजेश कुमार अपनी गवाही दे चुके हैं.
अब तक क्या हुआ इस केस में?
बता दें कि सौरभ राजपूत पहले मर्चेंट नेवी में नौकरी करते थे और हाल ही में लंदन के एक मॉल में काम कर रहे थे. वो 24 फरवरी को मेरठ स्थित अपने घर लौटे थे. 25 फरवरी को उन्होंने अपनी बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया और 27 फरवरी को पत्नी मुस्कान का जन्मदिन भी मनाया.
पुलिस के अनुसार, 3 मार्च की रात सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर साजिश रची. दोनों ने मिलकर चाकू से सौरभ की बेरहमी से हत्या कर दी।.फिर शव को काटकर एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में डाला और उसमें सीमेंट भरकर छुपा दिया.
हत्या के बाद 5 मार्च को मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश के कसोल घूमने चले गए. 17 मार्च को मेरठ लौटे और अगले ही दिन 18 मार्च को हत्या की सच्चाई सामने आ गई. सौरभ के भाई बबलू ने 19 मार्च को थाने में केस दर्ज कराया. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जहां वो अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं.
सिर्फ 54 दिन में तैयार हुई चार्जशीट
इस पूरे मामले की जांच ब्रह्मपुरी थाने के प्रभारी निरीक्षक रमाकांत पचौरी ने की. उन्होंने सिर्फ 54 दिन में करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट तैयार की और 12 मई को अदालत में दाखिल कर दी.
चार्जशीट में साफ लिखा है कि मुस्कान और साहिल के बीच प्रेम-प्रसंग था और सौरभ इस रिश्ते में रुकावट बन रहा था इसलिए उसकी हत्या की गई.
अब क्या होगा?
मामला अदालत में चल रहा है और एक-एक कर गवाहों के बयान दर्ज हो रहे हैं. रेणू देवी की गवाही के बाद लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं कि सौरभ को जल्द इंसाफ मिलेगा. यह केस न सिर्फ एक नृशंस हत्या बल्कि भरोसे, रिश्ते और इंसानियत के टूटने की कहानी भी है. अब पूरे शहर की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत कब और क्या फैसला सुनाएगी.